कोहिमा - नागालैंड की राजधानी कोहिमा पहाड़ों और घास के मैदानों से घिरी है। यहां की शांति और ठंडी हवा सुकून देती है। कोहिमा वॉर सेमेट्री और कैथेड्रल चर्च जरूर देखें।

मोन - यहां का प्रमुख आकर्षण कोंयाक जनजाति की संस्कृति है। मोन में आपको नागा योद्धाओं की झलक और पारंपरिक गांव देखने को मिलेंगे।

वोखा - ये जगह खासकर फलों के बागानों और हरियाली के लिए मशहूर है। यहां का मौसम बहुत ही खुशनुमा होता है।

तुएनसांग - यहां से आपको पूर्वी नागालैंड की पहाड़ियां देखने को मिलती हैं। तुएनसांग में विभिन्न जनजातियों की सांस्कृतिक विविधता देखने लायक है।

खोनोमा - यह भारत का पहला 'ग्रीन विलेज' है। यहां के लोग प्रकृति की रक्षा के लिए जाने जाते हैं। यह गांव हरियाली से भर जाता है।

दीमापुर - यह नागालैंड का मुख्य प्रवेश द्वार है और यहां ऐतिहासिक खंडहर, प्राचीन मंदिर और बाजार देखने लायक हैं।

पेरेन - यह जगह प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। यहां का मौसम बहुत ही सुकूनदायक होता है।

मोकोकचुंग - यह क्षेत्र औ के जनजाति का घर है। यहां की घाटियां, संगीत, लोकनृत्य और गर्मियों का मौसम बहुत आकर्षक होता है।

लोंगलेंग - यहां की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता इसे एक खास गंतव्य बनाती है। यहां की हरियाली और मौसम मन को भाता है।