भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना: UK में उच्च शिक्षा के लिए मेधावी छात्रों का सुनहरा मौका
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Toggleउत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है, जिसके तहत राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इस योजना का नाम है — भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना।

यह पहल न केवल छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा दिलाने का माध्यम बनेगी, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाएगी। योजना का उद्देश्य है कि प्रदेश के मेधावी छात्र ब्रिटेन की प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में मास्टर्स डिग्री प्राप्त करें और वहां से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को वापस आकर अपने प्रदेश और देश के विकास में लगाएँ।
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना की पृष्ठभूमि
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या-समृद्ध राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हर साल हजारों छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का सपना देखते हैं, लेकिन आर्थिक बाधाओं के कारण वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते।
इसी अंतर को खत्म करने और प्रतिभाशाली युवाओं को वैश्विक शिक्षा का अवसर देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ब्रिटेन सरकार के सहयोग से भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का निर्णय लिया।
इस योजना का नाम भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा गया है, जो शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्रहित में अपने अद्वितीय योगदान के लिए जाने जाते हैं।
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना की घोषणा और स्वीकृति
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने 7 अगस्त 2025 को इस योजना को मंजूरी दी। यह योजना ब्रिटेन के Foreign, Commonwealth & Development Office (FCDO) के साथ एक औपचारिक समझौते (MoU) के तहत लागू होगी।
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना की शुरुआत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से होगी और प्रारंभिक रूप से यह तीन वर्षों तक चलेगी। बाद में इसके नवीनीकरण की संभावना भी है।
योजना का उद्देश्य है कि हर साल 5 मेधावी छात्रों को चुना जाए और उन्हें ब्रिटेन में मास्टर्स डिग्री के लिए पूर्ण वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाए।
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना के उद्देश्य
विदेशी शिक्षा का अवसर: उन छात्रों के लिए जो आर्थिक कारणों से विदेश नहीं जा पाते।
नेतृत्व और नवाचार को प्रोत्साहन: विदेश से लौटकर छात्र अपने क्षेत्र में नए विचार और तकनीकें ला सकें।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण का विकास: छात्रों को वैश्विक संस्कृति और शिक्षा प्रणाली का अनुभव हो।
प्रदेश के विकास में योगदान: लौटने के बाद छात्र प्रदेश में शिक्षा, उद्योग, और समाज सुधार में योगदान दें।
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना की अवधि और संचालन
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना को तीन वर्षों — 2025-26, 2026-27 और 2027-28 — के लिए मंजूरी दी गई है।
आवश्यकता और सफलता के आधार पर इसे 2028 के बाद भी बढ़ाया जा सकता है। इस योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सरकार और ब्रिटेन के FCDO के संयुक्त सहयोग से होगा।
लाभार्थियों की संख्या और चयन मानदंड
लाभार्थियों की संख्या: हर साल 5 छात्र चुने जाएंगे।
चयन मानदंड:
- उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना।
- स्नातक स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन।
- अंग्रेजी भाषा में दक्षता (IELTS/TOEFL स्कोर)।
- आर्थिक रूप से जरूरतमंद होना (प्राथमिकता)।
- नेतृत्व और सामाजिक योगदान की क्षमता।
स्कॉलरशिप कवरेज
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना के तहत छात्रों को पूर्ण वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसमें शामिल है:
ब्रिटेन विश्वविद्यालय की पूरी ट्यूशन फीस।
मासिक भत्ता (लिविंग अलाउंस)।
राउंड-ट्रिप इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा।
किताबें, अध्ययन सामग्री और शोध व्यय।
स्वास्थ्य बीमा और वीज़ा शुल्क।
यह सुविधा सुनिश्चित करती है कि छात्र केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें, आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर।
वित्तीय संरचना
एक छात्र पर औसतन £38,000 से £42,000 (लगभग ₹40-45 लाख) तक खर्च आएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार: £19,800 (~₹23 लाख) प्रति छात्र।
ब्रिटेन का FCDO: शेष खर्च वहन करेगा।
इस वित्तीय साझेदारी से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चयनित छात्र को किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो।
सहयोगी संस्थान और MoU
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और ब्रिटेन सरकार के FCDO के बीच एक विस्तृत Memorandum of Understanding (MoU) साइन किया जाएगा। यह MoU छात्रों के चयन, फंड के उपयोग और पारदर्शिता के मानकों को निर्धारित करेगा।
चयन प्रक्रिया
1. ऑनलाइन आवेदन: उम्मीदवार निर्धारित पोर्टल पर आवेदन करेंगे।
2. दस्तावेज़ सत्यापन: शैक्षणिक और व्यक्तिगत दस्तावेजों की जांच।
3. लिखित परीक्षा/निबंध: छात्रों की सोचने और लिखने की क्षमता का आकलन।
4. साक्षात्कार: विशेषज्ञ पैनल द्वारा।
5. अंतिम सूची: मेरिट और आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर।

भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग योजना का महत्व
छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा का अवसर।
प्रदेश में कुशल मानव संसाधन का विकास।
विदेश से लौटकर छात्र नए उद्योग और शोध कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं।
राज्य की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा में वृद्धि।
प्रेरणास्रोत: अटल बिहारी वाजपेयी
इस योजना को भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जोड़ना बेहद सार्थक है। वाजपेयी जी शिक्षा, कूटनीति और राष्ट्रीय विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे। उनका मानना था कि युवा ही देश का भविष्य हैं, और उन्हें विश्व की श्रेष्ठतम शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए। इस योजना से उनके विचारों को साकार रूप दिया जा रहा है।
संभावित चुनौतियाँ
वीज़ा और इमिग्रेशन प्रक्रिया में देरी।
विदेश में सांस्कृतिक और मौसम संबंधी एडजस्टमेंट।
उच्च प्रतिस्पर्धा के कारण चयनित होने की कठिनाई।
समाधान और सुझाव
प्री-डिपार्चर ट्रेनिंग और काउंसलिंग।
विदेश में भारतीय छात्र संगठनों से जुड़ाव।
योजना के तहत मेंटरशिप प्रोग्राम, ताकि वरिष्ठ छात्र नए छात्रों का मार्गदर्शन करें।
निष्कर्ष
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना न केवल छात्रों के लिए एक स्कॉलरशिप है, बल्कि यह उनके भविष्य को आकार देने का एक माध्यम है।
यह योजना मेधावी छात्रों के लिए ऐसे द्वार खोल रही है, जिनके जरिए वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई कर सकते हैं और अपने प्रदेश व देश को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं।
भविष्य में जब ये छात्र विदेश से लौटकर अपने क्षेत्र में परिवर्तन लाएँगे, तो यह योजना प्रदेश के विकास की कहानी में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगी।
भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के मेधावी छात्रों को वैश्विक शिक्षा के उच्चतम स्तर तक पहुँचाना है। यह केवल एक वित्तीय सहायता योजना नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जो युवाओं को अंतरराष्ट्रीय ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण से सशक्त बनाकर उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करता है।
इस योजना से चयनित छात्र न केवल ब्रिटेन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से मास्टर्स डिग्री प्राप्त करेंगे, बल्कि वहां से अर्जित अनुभव और शिक्षा को वापस आकर अपने प्रदेश के विकास में लगाएंगे। इससे राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर शुरू की गई यह योजना उनके उस विज़न को साकार करती है जिसमें शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का सबसे सशक्त साधन माना गया है।
यदि इसका सही क्रियान्वयन और निरंतरता बनी रही, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश से विश्वस्तरीय विद्वान, वैज्ञानिक, प्रशासक और उद्यमी निकलेंगे, जो न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाएँगे।
यह योजना इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर और संसाधन मिलने पर उत्तर प्रदेश का युवा किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकता है।
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