अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की 7वीं RCM बैठक: एशिया-प्रशांत में हरित ऊर्जा क्रांति की शुरुआत!
भूमिका
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Toggleआज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट से जूझ रही है, तब अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ऊर्जा सुरक्षा का एक उम्मीदभरा स्रोत बनकर उभरा है। इस गठबंधन ने वैश्विक स्तर पर सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का एक साझा मंच तैयार किया है।

आगामी 15 से 17 जुलाई 2025 तक श्रीलंका के कोलंबो में ISA की सातवीं क्षेत्रीय समिति बैठक आयोजित होने जा रही है, जो विशेष रूप से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या है अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)?
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की स्थापना 2015 में भारत और फ्रांस की साझेदारी से हुई थी, जिसका उद्देश्य है – सौर ऊर्जा को सस्ता, भरोसेमंद और हर किसी के लिए सुलभ बनाना।
मुख्यालय: गुरुग्राम, भारत
सदस्य देश: 110+
कार्य क्षेत्र: वैश्विक, विशेषकर ट्रॉपिकल क्षेत्र के देश
ISA उन देशों का समूह है जो पूरी तरह से या आंशिक रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में आते हैं और सौर संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना चाहते हैं।
सातवीं RCM बैठक – कोलंबो 2025 का उद्देश्य
इस बार अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की क्षेत्रीय समिति बैठक कोलंबो, श्रीलंका में हो रही है। इस बैठक का मकसद है:
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सौर परियोजनाओं के लिए सहयोग बढ़ाना
वित्तीय, तकनीकी और नीतिगत बाधाओं को दूर करने की रणनीति बनाना
साझेदार देशों और निजी क्षेत्र के बीच संवाद स्थापित करना
जलवायु लक्ष्यों की दिशा में ठोस कार्रवाई
प्रमुख विचार-विमर्श के क्षेत्र
1. क्षेत्रीय सहयोग की रणनीति
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मानना है कि ऊर्जा सुरक्षा अकेले संभव नहीं है। सभी एशिया-प्रशांत देशों को मिलकर साझा परियोजनाओं, वित्तपोषण और तकनीक साझा करनी होगी।
2. फाइनेंस मॉडल की पुनर्रचना
परियोजनाओं को आरंभ करने के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी चुनौती है।
ISA “ब्लेंडेड फाइनेंस” मॉडल का प्रयोग कर रहा है जिसमें सरकारी, निजी और अंतरराष्ट्रीय बैंकों की भागीदारी होती है।
3. डिजिटल सौर प्लेटफॉर्म्स का विकास
ISA एक ऐसा डिजिटल मंच बना रहा है जहां पर सभी सदस्य देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं और प्रस्तावित परियोजनाओं को साझा कर सकें।
किसे बुलाया गया है इस बैठक में?
इस बार की बैठक में केवल नीति निर्माता ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित प्रतिनिधि भी शामिल होंगे:
ऊर्जा मंत्रालयों के अधिकारी
तकनीकी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर
सौर ऊर्जा स्टार्टअप्स के CEO
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि
जलवायु और सस्टेनेबिलिटी के विशेषज्ञ
क्यों है यह बैठक एशिया-प्रशांत के लिए खास?
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे ज्यादा सौर क्षमता मौजूद है, लेकिन निवेश और नीति में एकरूपता की कमी है। यही वजह है कि इस बैठक में विशेष ध्यान इन बातों पर दिया जाएगा:
देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर सोलर ग्रिड की स्थापना
ग्रिड स्थिरता और ऊर्जा भंडारण की योजना
हरित हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नीति समन्वय
ISA की प्रमुख परियोजनाएं
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ने विभिन्न क्षेत्रों में कई अभिनव परियोजनाएं शुरू की हैं:
परियोजना का नाम उद्देश्य
Solar Park Program बड़े पैमाने पर सौर उत्पादन
One Sun One World One Grid (OSOWOG) वैश्विक ग्रिड कनेक्शन
SolarX Startup Challenge युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन
ISA CARE अफ्रीका और एशिया में रूफटॉप सोलर
तकनीकी विषय: उभरते हुए सोलर ट्रेंड्स
बैठक में निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी:
लंबे समय तक ऊर्जा भंडारण (Long Duration Energy Storage)
ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन
सौर उर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली
AI आधारित सोलर पैनल मॉनिटरिंग
साझेदार संगठन
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ने निम्नलिखित प्रमुख संगठनों के साथ साझेदारी की है:
एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB)
इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (IRENA)
विश्व बैंक
निजी सोलर कंपनियाँ जैसे – Adani Green, ReNew Power आदि
नीति और गवर्नेंस
ISA इस बैठक में सदस्य देशों के साथ नीति सहमति ढांचे (Policy Alignment Frameworks) पर भी हस्ताक्षर कर सकता है। इन ढाँचों के अंतर्गत:
टैक्स छूट
भूमि अधिग्रहण में सरलता
लोक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल)
पारदर्शी निविदा प्रणाली
अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण
ISA की यह बैठक केवल एक क्षेत्रीय आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक सौर नीति निर्माण की आधारशिला बनेगी।
चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं और इसकी गतिविधियों पर नज़र रख रहे हैं।

ISA की भविष्य की योजनाएं
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की दीर्घकालिक योजनाएं:
2030 तक सदस्य देशों में 100 GW सौर क्षमता जोड़ना
हर सदस्य देश में कम से कम एक STAR Centre बनाना
2025 तक हर देश के लिए “सोलर रोडमैप 2.0” लॉन्च करना
FAQs – अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) कोलंबो बैठक 2025
1. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) क्या है?
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 2015 में भारत और फ्रांस ने मिलकर की थी। इसका उद्देश्य है सौर ऊर्जा को सुलभ, सस्ता और विश्वसनीय बनाना, विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के देशों के लिए।
2. सातवीं क्षेत्रीय समिति बैठक (RCM) कब और कहाँ आयोजित हो रही है?
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की सातवीं RCM बैठक 15 से 17 जुलाई 2025 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित होगी। यह बैठक एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए खास तौर पर निर्धारित की गई है।
3. इस बैठक में किन-किन देशों की भागीदारी होगी?
उत्तर:
इस बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 50+ देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जिनमें सदस्य, हस्ताक्षरकर्ता और पर्यवेक्षक देशों के मंत्री, नीति विशेषज्ञ, तकनीकी प्रतिनिधि और निजी क्षेत्र के अग्रणी शामिल हैं।
4. बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) इस बैठक के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग, सौर निवेश, तकनीकी नवाचार और नीति निर्माण को बढ़ावा देना चाहता है ताकि एशिया-प्रशांत में सौर ऊर्जा के उपयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जा सके।
5. इस बैठक में किन प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी?
उत्तर:
प्रमुख विषयों में शामिल हैं:
सौर ऊर्जा के लिए फाइनेंसिंग मॉडल
STAR Centres और डिजिटल प्लेटफॉर्म
ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण
क्षेत्रीय ग्रिड कनेक्टिविटी
नीति समन्वय और क्रॉस-बॉर्डर साझेदारी
6. STAR Centres क्या होते हैं?
उत्तर:
STAR (Solar Technology Application Resource) Centres, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की एक पहल है, जो तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास के लिए काम करते हैं।
7. क्या यह बैठक निजी क्षेत्र के लिए भी खुली है?
उत्तर:
हाँ, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और तकनीकी उद्यमियों को भी इस बैठक में आमंत्रित करता है ताकि वे सौर ऊर्जा में अपनी भागीदारी और निवेश के अवसर तलाश सकें।
8. बैठक के संभावित लाभ क्या होंगे?
उत्तर:
सौर परियोजनाओं में तेजी
निवेश की वृद्धि
नीति निर्माण में सहयोग
हरित रोजगार के अवसर
क्षेत्रीय ऊर्जा आत्मनिर्भरता
निष्कर्ष: ऊर्जा के उज्जवल भविष्य की ओर एक निर्णायक कदम
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की कोलंबो बैठक न केवल एक क्षेत्रीय सभा है, बल्कि यह हरित ऊर्जा क्रांति की दिशा में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। यह बैठक बताती है कि सौर ऊर्जा अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की मुख्यधारा बन चुकी है।
ISA के माध्यम से सदस्य देश:
तकनीकी नवाचार साझा कर रहे हैं,
वित्तीय बाधाओं को दूर कर रहे हैं,
नीति समन्वय को सरल बना रहे हैं,
और स्थानीय जरूरतों के अनुसार समाधान विकसित कर रहे हैं।
RCM 2025 कोलंबो बैठक में जो रणनीतियाँ, समझौते और विचार-विमर्श सामने आएंगे, वे न केवल आने वाले वर्षों की परियोजनाओं को दिशा देंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि हमारा ऊर्जा भविष्य कितना स्वच्छ, न्यायसंगत और टिकाऊ होगा।
ISA अब एक संगठन नहीं, बल्कि विश्व सौर नेतृत्व की धुरी बन चुका है — और यह बैठक उस दिशा में एक और ठोस कदम है।
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