प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट 2025: 64वें संस्करण की ग्रैंड ओपनिंग और मुख्य आकर्षण
परिचय
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Toggleभारतीय खेल जगत में विद्यालय स्तर के फुटबॉल की पहचान और गौरव की बात करें तो सबसे पहले नाम आता है प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का। यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के सपनों का मंच है, जिसने दशकों से भारत और विदेश के फुटबॉल प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभाई है।

इस वर्ष इसका 64वां संस्करण 19 अगस्त से 25 सितंबर 2025 तक आयोजित होगा, जिसमें दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु के मैदान युवा खिलाड़ियों के उत्साह, जोश और संघर्ष के गवाह बनेंगे। कुल 106 टीमें इसमें शिरकत करेंगी, जिनमें देश-विदेश के विद्यालय शामिल होंगे।
आयोजन का इतिहास
प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आरंभ 1960 में एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी की स्मृति में किया गया था। उद्देश्य था—विद्यालय स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देना और देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाना।
शुरुआत में यह केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित था, लेकिन समय के साथ यह अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाने लगा और अब यह एशिया के सबसे बड़े स्कूल-फुटबॉल टूर्नामेंट में गिना जाता है। इस मंच से निकलकर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम और प्रोफेशनल क्लबों तक पहुँचे हैं।
आयोजन तिथियाँ और स्थल
इस साल टूर्नामेंट को दो शहरों में बांटा गया है ताकि अधिकतम खिलाड़ियों को खेलने का अवसर मिले और विभिन्न स्थानों पर दर्शकों का उत्साह बना रहे।
जूनियर गर्ल्स (अंडर-17): 19 से 28 अगस्त – दिल्ली-एनसीआर
सब-जूनियर बॉयज़ (अंडर-15): 2 से 11 सितंबर – बेंगलुरु
जूनियर बॉयज़ (अंडर-17): 16 से 25 सितंबर – दिल्ली-एनसीआर
प्रमुख स्टेडियम:
दिल्ली-एनसीआर: अंबेडकर स्टेडियम, तेजस फुटबॉल ग्राउंड, सुब्रतो पार्क ग्राउंड, पिंटो पार्क ग्राउंड
बेंगलुरु: एयर फोर्स स्कूल (जालाहल्ली), एयर फोर्स स्कूल (येलहंका), एचक्यू ट्रेनिंग कमांड ग्राउंड
यह विभाजन न केवल खेल के दायरे को बढ़ाता है, बल्कि विभिन्न शहरों के दर्शकों को प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का रोमांच सीधे अनुभव करने का मौका देता है।
भाग लेने वाली टीमें
इस बार कुल 106 टीमें मैदान में उतरेंगी, जिनमें भारत के लगभग हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश की प्रतिनिधि टीमें होंगी। साथ ही 4 विदेशी देशों की स्कूल टीमें भी इसमें हिस्सा लेंगी।
हर टीम के चयन के लिए अपने-अपने राज्यों में जोनल और इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। विजेता और उपविजेता टीमों को प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश मिला।
टूर्नामेंट की श्रेणियाँ
खेल के स्तर और खिलाड़ियों की उम्र के अनुसार टूर्नामेंट को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
- जूनियर बॉयज़ (अंडर-17)
- जूनियर गर्ल्स (अंडर-17)
- सब-जूनियर बॉयज़ (अंडर-15)
इस संरचना का उद्देश्य है—समान आयु वर्ग के खिलाड़ियों को एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा का अवसर देना, जिससे निष्पक्षता बनी रहे।
नियम और निष्पक्षता
निष्पक्ष खेल सुनिश्चित करने के लिए आयोजकों ने विशेष प्रबंध किए हैं। खासतौर पर सब-जूनियर बॉयज़ कैटेगरी में खिलाड़ियों की उम्र की पुष्टि के लिए एज डिटरमिनेशन टेस्ट आयोजित होंगे।
मैच के संचालन के लिए अनुभवी रेफरी और सहायक रेफरी की नियुक्ति की जाएगी। VAR तकनीक का प्रयोग भले न हो, लेकिन रेफरी को वीडियो रिव्यू सुविधा दी जाएगी ताकि विवादास्पद निर्णयों में स्पष्टता बनी रहे।
इन सभी कदमों से प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट की साख और भी मजबूत होती है।
विशेष पहल – Indian Tigers & Tigresses
इस संस्करण में एक नई पहल देखने को मिलेगी—Indian Tigers & Tigresses स्काउटिंग प्रोग्राम। इसके तहत 7 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें जर्मनी में उन्नत प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच अनुभव का अवसर मिलेगा।
यह पहल भविष्य में भारतीय फुटबॉल की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में अहम योगदान देगी। आयोजक चाहते हैं कि प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट केवल एक प्रतियोगिता न रहकर, बल्कि राष्ट्रीय टीम के लिए टैलेंट पूल का स्रोत बने।
खिलाड़ियों और अधिकारियों के बयान
एयर मार्शल एस. शिवकुमार (मुख्य अतिथि) का कहना है—
“हमारी कोशिश है कि यह टूर्नामेंट साल दर साल बड़ा और बेहतर बने। यहां से निकलने वाली प्रतिभाएँ भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करें।”
दालिमा छिबर (भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी) ने कहा—
“मेरी फुटबॉल यात्रा 2011 में यहीं से शुरू हुई थी। मैं जानती हूँ कि प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट स्कूल स्तर के खिलाड़ियों के लिए कितना महत्वपूर्ण है।”
पिछले विजेता
पिछले वर्ष के चैंपियन इस प्रकार रहे:
जूनियर बॉयज़: टी.जी. इंग्लिश स्कूल, मणिपुर
जूनियर गर्ल्स: मदर इंटरनेशनल स्कूल, रांची
सब-जूनियर बॉयज़: नोंगिरी प्रेस्बिटेरियन सेकेंडरी स्कूल, मेघालय
इन विजेताओं ने साबित किया कि स्कूल स्तर पर भी भारत में फुटबॉल का स्तर लगातार ऊंचा हो रहा है और प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट इसका बड़ा कारण है।
आयोजनकर्ता और प्रायोजन
टूर्नामेंट का आयोजन सुब्रतो मुखर्जी स्पोर्ट्स एजुकेशन सोसाइटी (SMSES) द्वारा भारतीय वायु सेना के एयर फोर्स स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की देख-रेख में किया जाता है।
इस साल का मुख्य प्रायोजक एलआईसी (LIC) है। इसके अलावा कई स्थानीय और राष्ट्रीय ब्रांड भी इस आयोजन से जुड़े हैं।
आयोजकों का मानना है कि वित्तीय सहयोग और प्रबंधन के कारण प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट का स्तर अंतर्राष्ट्रीय मानकों तक पहुँचा है।

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
यह टूर्नामेंट केवल फुटबॉल खेलने का मंच नहीं है, बल्कि यह विभिन्न संस्कृतियों के मेल-जोल का अवसर भी प्रदान करता है। विदेशी टीमें अपने देश की खेल संस्कृति, अनुशासन और तकनीक लेकर आती हैं, जबकि भारतीय टीमें अपनी मेहनत और जुनून से उन्हें टक्कर देती हैं।
इस तरह प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों में खेल भावना, अनुशासन और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित करता है।
भविष्य की संभावनाएँ
आयोजकों का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में टूर्नामेंट में भाग लेने वाली विदेशी टीमों की संख्या दोगुनी हो। साथ ही, मैचों का लाइव प्रसारण और डिजिटल स्कोरबोर्ड जैसी सुविधाओं को और उन्नत किया जाएगा।
यदि यह योजना सफल हुई तो प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट न केवल एशिया बल्कि विश्व स्तर पर स्कूल फुटबॉल का सबसे बड़ा आयोजन बन सकता है।
निष्कर्ष
प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय विद्यालय फुटबॉल का वह स्तंभ है जिसने दशकों से देश के हर कोने के युवा खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। इसकी 64 वर्षों की यात्रा में हजारों खिलाड़ियों के सपने साकार हुए, और अनगिनत कहानियाँ लिखी गईं—जिनमें पसीना, मेहनत, हार-जीत, और अदम्य जज़्बा शामिल हैं।
2025 का संस्करण कई मायनों में खास है—
पहली बार भागीदारी 100 से ऊपर पहुँचकर 106 टीमों तक जा पहुँची है, जिसमें देश-विदेश का प्रतिनिधित्व शामिल है।
दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु जैसे दो बड़े केंद्रों पर आयोजन होने से भौगोलिक दायरा बढ़ा है।
Indian Tigers & Tigresses जैसी पहल से चुनिंदा खिलाड़ियों को जर्मनी में ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा, जो भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ा कदम है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट भारतीय फुटबॉल में grassroots स्तर पर सबसे बड़ा योगदान देता है। इसका फॉर्मेट बच्चों को शुरुआती उम्र में ही पेशेवर माहौल से परिचित कराता है—जहाँ उन्हें न केवल तकनीकी कौशल बल्कि खेल भावना, अनुशासन, और टीमवर्क का भी महत्व समझ में आता है।
यह टूर्नामेंट इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर, छोटे-से-छोटे कस्बे या गाँव के बच्चे भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी पहचान बना सकते हैं। यहां जीतने वाली टीमों को ही नहीं, बल्कि हर भाग लेने वाले खिलाड़ी को आत्मविश्वास और अनुभव का अनमोल तोहफा मिलता है।
भविष्य में, यदि इस प्रतियोगिता में डिजिटल तकनीक, लाइव प्रसारण, और विदेशी टीमों की भागीदारी बढ़ती रही, तो यह निश्चित है कि प्रतिष्ठित सुब्रतो कप अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट को न केवल एशिया, बल्कि दुनिया के शीर्ष स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंट की श्रेणी में रखा जाएगा।
अंततः, यह कहना गलत नहीं होगा कि यह टूर्नामेंट केवल मैदान पर खेले जाने वाले 90 मिनट का खेल नहीं है—यह भारत के खेल भविष्य की वह प्रयोगशाला है, जहाँ से कल के सितारे तैयार होते हैं।
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