भारतीय क्रिप्टोग्राफी: क्वांटम के युग में भारतीय क्रिप्टोग्राफी रिसर्च की बढ़ती चुनौतियों, क्वांटम कंप्यूटिंग से निपटने के लिए भारत की नई तकनीक, क्वांटम के क्षेत्र में भारतीय क्रिप्टोग्राफी रिसर्च के नए आयाम जाने विस्तार से
परिचय- भारत में क्वांटम कंप्यूटिंग के विकास के साथ पारंपरिक क्रिप्टोग्राफी प्रणालियाँ कमजोर होने के आसार दिखाई दे रहे हैं इस चुनौती का सामना करने के लिए भारतीय सरकार और भारत के अनुसंधान संस्थान सक्रिय रूप से क्वांटम प्रतिरोधी क्रिप्टोग्राफी पर गहनशील गहनता पूर्वक कार्य कर रहे हैं.

क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए सरकारी पहल
* राष्ट्रीय क्वांटम मिशन: केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 2020 के बजट में क्वांटम प्रौद्योगिकियों और अनुप्रयोगों के लिए 8000 करोड रुपए के प्रावधान की घोषणा की थी जो क्वांटम मिशन के संचार के लिए एक बहुत बड़ी रकम थी इसका उद्देश्य कंप्यूटिंग संचार और साइबर सुरक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना है.
* क्वांटम सुरक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला: भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ने 25 जून 2024 को तमिलनाडु के चेन्नई में इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन और सुरक्षा सोसायटी (SETS) के 23वें स्थापना दिवस के अवसर पर क्वांटम सुरक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया.
इस प्रयोगशाला का उद्देश्य क्वांटम रेंडम नंबर जेनरेटर (QRNG), क्वांटम कुंजी वितरण (QKD) और पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना जिससे क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में एक नई दिशा मिले.
सी डॉट की क्वांटम संचार प्रयोगशाला: सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमेटिक्स (C-DOT) के द्वारा अक्टूबर 2021 में नई दिल्ली में क्वांटम संचार प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया
तथा स्वदेशी क्वांटम कुंजी वितरण (QKD) समाधान का अनावरण किया जो मुख्य रूप से मानक ऑप्टिकल फाइबर पर 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक सुरक्षित संचार सुनिश्चित करता है .
सी डॉट क्वांटम संचार मिशन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह ऑप्टिकल फाइबर को सभी सुरक्षा मानकों के साथ एक सुरक्षित संचार सुनिश्चित करता है. Read more...
अनुसंधान और विकास
• रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRB): रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने क्वांटम संचार में मजबूत इंक्रिप्शन के लिए वास्तव में अप्रत्याशित अनुकूल संख्याएं उत्पन्न करने की एक नई विधि विकसित की है
क्वांटम संचार इस विधि को कर्नाटक के बेंगलुरु में रमन रिसर्च इंस्टिट्यूट में विकसित किया गया है यह विधि डेटा सुरक्षा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

•IBM इंडिया की पहल: भारत में क्वांटम कंप्यूटिंग को बढ़ावा देने के लिए आईबीएम इंडिया ने Qiskit इंडिया वीक ऑफ क्वांटम जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया है जो छात्रों और शोधकर्ताओं को क्वांटम प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षित करने में सहायक हो सकता है.
सहयोग और स्टार्टअप्स
* सहयोग- उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ रक्षा संस्थान (DIAT) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट आफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (CDAC) क्वांटम कंप्यूटर के विकास के लिए सहयोग कर रहे हैं
जो क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण प्रयास है जिससे भारत को क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक नई दिशा मिलने के आसार दिख रहे हैं. Click here
* स्टार्टअप्स: कुनु लेब्स (बेंगलुरु) और बोसानक्यू (भिलाई, छत्तीसगढ़ ) जैसे स्टार्टअप्स क्वांटम प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार कर रहे हैं जो भारत में क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के विकास में योगदान दे रहे हैं
यह महत्वपूर्ण योगदान भविष्य में भारत को एक दृष्टिकोण देने का काम कर रहे हैं जिससे कि आने वाले समय में भारत क्वांटम क्रिप्टोग्राफी प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर होगा.

भारतीय क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में शोध और क्वांटम चुनौतियां
क्वांटम कंप्यूटिंग के उभरने के साथ पारंपरिक क्रिप्टोग्राफी तकनीक कमजोर हो सकती है क्योंकि क्वांटम कंप्यूटर अत्यधिक जटिल गणनाओं को तेजी से हल कर सकते हैं जिसे वर्तमान में इंक्रिप्शन विधियों को टूटना आसान हो जाएगा
वहीं अगर भारत में क्रिप्टोग्राफी की बात करें तो भारत में क्रिप्टोग्राफी और फाइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही है
जिससे कि आने वाले समय में सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा कई पहल को बनाया जा सके और क्रिप्टोग्राफी पर मज़बूत पकड़ बनाई जा सके.
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