सेमीकॉन इंडिया 2025: नई दिल्ली में दुनिया की 300+ कंपनियों की भागीदारी!
प्रस्तावना: भारत की सेमीकंडक्टर क्रांति का उदय
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Toggleसेमीकॉन इंडिया 2025 भारत की तकनीकी महाशक्ति बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह आयोजन न केवल भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा, बल्कि वैश्विक उद्योग जगत को भारत के प्रति आकर्षित करने का भी एक सशक्त मंच बनेगा। “सेमीकॉन इंडिया 2025” का उद्देश्य है — भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक निर्णायक खिलाड़ी बनाना।

इस भव्य आयोजन का आयोजन 2 से 4 सितंबर 2025 को यशोभूमि (IICC), नई दिल्ली में किया जाएगा।
आयोजन का विषय और महत्व
सेमीकॉन इंडिया 2025 का विषय है — “अगले सेमीकंडक्टर पॉवरहाउस का निर्माण”। यह विषय केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत सरकार की सेमीकंडक्टर नीति का प्रतिबिंब है, जिसका उद्देश्य है:
भारत में R&D इकोसिस्टम को बढ़ावा देना
डिज़ाइन से लेकर निर्माण तक की क्षमता विकसित करना
घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करना
सेमीकॉन इंडिया 2025 एक रणनीतिक मंच है, जो सेमीकंडक्टर उद्योग, निवेशकों, सरकार, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को एक साथ लाता है।
आयोजन की अनूठी विशेषताएँ
1. 300+ कंपनियाँ, 18 देश
इस बार सेमीकॉन इंडिया 2025 में 18 विभिन्न देशों से 300 से अधिक अग्रणी कंपनियाँ भाग लेंगी। इनमें TSMC, Intel, Samsung, Micron, Vedanta, Foxconn जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
2. वैश्विक मंडप (Global Pavilions)
पहली बार “सेमीकॉन इंडिया 2025” में वैश्विक मंडप होंगे, जहाँ विभिन्न देश अपने सेमीकंडक्टर नवाचार प्रदर्शित करेंगे।
3. डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप
स्टार्टअप्स के लिए एक समर्पित क्षेत्र, जो भारत की डिज़ाइन क्षमताओं को दुनिया के सामने पेश करेगा।
4. कौशल विकास पहलें (Skill Initiatives)
उद्योगों की ज़रूरतों के अनुसार प्रशिक्षण, कोर्स और कौशल आधारित योजनाएं प्रदर्शित होंगी।
5. देशव्यापी गोलमेज सम्मेलन
नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों और अकादमिक संस्थानों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
सेमीकॉन इंडिया 2025: वैश्विक सहयोग की मिसाल
भारत सरकार के MeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम Semicon India Programme का हिस्सा है।
यह आयोजन दुनिया को संदेश देता है कि भारत सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए तैयार है।
अमेरिका, जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया जैसे देश भारत के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं।
भारत ने ₹76,000 करोड़ का प्रोत्साहन पैकेज घोषित कर सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दिखाई है।
स्टार्टअप और MSME के लिए अवसर
“सेमीकॉन इंडिया 2025” भारतीय स्टार्टअप्स के लिए एक launchpad है।
विशेषताएँ:
डिज़ाइन इन्नोवेशन मंच (Design Innovation Pavilion)
B2B बैठकें और नेटवर्किंग अवसर
फंडिंग विंडो और इन्वेस्टर कनेक्शन
कौशल और शिक्षा क्षेत्र की भूमिका
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कुशल मानव संसाधन का निर्माण आवश्यक है।
इसलिए सेमीकॉन इंडिया 2025 में शामिल हैं:
AICTE, NIELIT और IITs जैसे शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी
फैकल्टी ट्रेनिंग, डिजिटल सर्टिफिकेशन कोर्सेस
इंडस्ट्री-एकेडेमिया संवाद
आयोजन स्थल और पंजीकरण
स्थान: यशोभूमि (IICC), द्वारका, नई दिल्ली
तिथियाँ: 2 से 4 सितंबर 2025
पंजीकरण अब शुरू हो चुका है और किसी भी श्रेणी के आगंतुक – उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, छात्र, पत्रकार – सभी भाग ले सकते हैं।
सेमीकॉन इंडिया 2025 और भारत का भविष्य
भारत वर्ष 2025 तक:
विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर बाजार बन सकता है
सौर ऊर्जा, EVs, मोबाइल निर्माण के लिए सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता हासिल कर सकता है
5 लाख से अधिक नई नौकरियाँ इस क्षेत्र में उत्पन्न हो सकती हैं
सेमीकॉन इंडिया 2025 क्यों विशेष है?
बिंदु विवरण
फोकस निर्माण से लेकर डिज़ाइन तक पूरी वैल्यू चेन
सहभागी 18 देश, 300+ कंपनियाँ
स्टार्टअप विशेष डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप
स्किल डेवलेपमेंट भारत में 100+ सेमीकंडक्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम
निवेश ₹76,000 करोड़ का PLI पैकेज
गवर्नमेंट सहयोग MeitY, ISM, Invest India
वैश्विक सहभागिता: भारत क्यों बन रहा है विश्व का अगला सेमीकंडक्टर हब?
सेमीकॉन इंडिया 2025 में वैश्विक मंचों की सहभागिता यह दर्शाती है कि अब भारत केवल ग्राहक नहीं, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का एक मजबूत स्तंभ बनने की ओर अग्रसर है।
प्रमुख वैश्विक प्रतिभागी देश:
देश प्रमुख कंपनियाँ / प्रतिनिधि संस्थाएँ
ताइवान TSMC, ASE Group
अमेरिका Intel, GlobalFoundries
दक्षिण कोरिया Samsung Electronics
जापान Renesas, Tokyo Electron
यूरोपीय संघ STMicroelectronics, Infineon
इज़रायल Tower Semiconductor
सिंगापुर UMC, SSMC
इन सभी ने सेमीकॉन इंडिया 2025 के आयोजन में भागीदारी की पुष्टि की है, जिससे यह भारत के लिए रणनीतिक निवेश आकर्षण केंद्र बन गया है।
गोलमेज सम्मेलन: नीति निर्माण में सहयोग की नई परिभाषा
सेमीकॉन इंडिया 2025 में देशव्यापी गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य:
- नीतिगत चुनौतियों पर खुला संवाद
जैसे कि भूमि, बिजली, जल आपूर्ति, लाइसेंस प्रक्रिया आदि
- सेमीकंडक्टर उद्योग की समस्याओं और संभावनाओं को सामने लाना
- राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय
- संपूर्ण वैल्यू चेन पर चर्चा – डिजाइन, फेब्रिकेशन, पैकेजिंग, परीक्षण
प्रतिभागी:
नीति आयोग
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय (MeitY)
उद्योग संगठन (FICCI, CII, IESA)
प्रमुख राज्य सरकारें: गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु
स्टार्टअप और MSMEs
इन गोलमेज सम्मेलनों के ज़रिये सेमीकॉन इंडिया 2025 को नीति निर्माण के एक स्थायी मंच के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
कौशल विकास पहलें: भारत की मानव पूंजी को तकनीकी शक्ति में बदलना
एक वैश्विक सेमीकंडक्टर पॉवरहाउस बनने के लिए केवल तकनीक नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन भी ज़रूरी है। इसीलिए सेमीकॉन इंडिया 2025 का एक विशेष फोकस है – कौशल विकास (Skill Development)।
प्रमुख पहलें:
पहल का नाम विवरण
CHIP-IN (CHIP Integrated Network) सेमीकंडक्टर शिक्षा और प्रशिक्षण का एक अखिल भारतीय नेटवर्क
Semicon India FutureSkills Program 50,000+ इंजीनियर्स को प्रशिक्षित करने की योजना
VLSI & Embedded Training Labs प्रमुख IITs, NITs और तकनीकी संस्थानों में उन्नत प्रयोगशालाएं
Online Micro-Certifications AI, SoC, Embedded, Packaging में छोटे कोर्सेस
भागीदार संस्थान:
AICTE
NIELIT
IIT Madras, IIT Bombay, IISc Bangalore
Skill India, NSDC
इन प्रयासों से सेमीकॉन इंडिया 2025 केवल एक तकनीकी मंच नहीं, बल्कि Talent Acceleration Platform बनता जा रहा है।
डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप: भारतीय नवाचार को वैश्विक पहचान
सेमीकॉन इंडिया 2025 में एक विशेष पहल है – डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप (Design Startup Pavilion)।
उद्देश्य:
भारत के Fabless स्टार्टअप्स को प्लेटफार्म देना
IP निर्माण को प्रोत्साहित करना
निवेशकों और नवप्रवर्तकों के बीच संवाद
सहभागिता:
200+ से अधिक Fabless स्टार्टअप्स
विभिन्न सेमीकंडक्टर उत्पाद जैसे SoCs, AI चिप्स, Automotive ICs
उद्योग फंडिंग एक्सचेंज
यह क्षेत्र Innovation से Monetization की दिशा में भारत की एक लंबी छलांग है।

“सेमीकॉन इंडिया 2025” की रणनीति: भारत के लिए 5 वर्षीय रोडमैप
उद्देश्य समय सीमा मापदंड
50+ Fabless स्टार्टअप्स 2025 तक डिज़ाइन इन इंडिया
2 प्रमुख Semiconductor Fabs 2026 तक भारत में मैन्युफैक्चरिंग
1 Lakh+ कुशल जनशक्ति 2027 तक स्किल इंडिया मिशन के तहत
$50 Billion का निवेश 2030 तक FDIs और PPPs के माध्यम से
सेमीकॉन इंडिया 2025: पंजीकरण, अवसर और भारत का भविष्य
पंजीकरण प्रक्रिया: कौन, कैसे और कहाँ?
सेमीकॉन इंडिया 2025 में भाग लेने के लिए पंजीकरण अब प्रारंभ हो चुका है। चाहे आप उद्योग से जुड़े हों, स्टार्टअप प्रतिनिधि, निवेशक, छात्र, पत्रकार या शोधकर्ता हों — आप इस वैश्विक आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं।
पंजीकरण कैसे करें?
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ: www.semicon-india.org
- यूज़र प्रोफ़ाइल बनाएं: नाम, ईमेल, फोन, संगठन विवरण भरें
- पंजीकरण श्रेणी चुनें:
सामान्य दर्शक (Visitor)
प्रतिनिधि (Delegate)
प्रदर्शक (Exhibitor)
मीडिया प्रतिनिधि
- शुल्क (यदि लागू हो) का भुगतान करें
- ईमेल द्वारा आपको पास मिलेगा
पंजीकरण की अंतिम तिथि:
31 अगस्त 2025
प्रतिभागियों को क्या लाभ होंगे?
सेमीकॉन इंडिया 2025 में भाग लेने वाले सभी वर्गों को कई लाभ प्राप्त होंगे:
1. नेटवर्किंग के अवसर
TSMC, Intel, Vedanta जैसे वैश्विक खिलाड़ियों से सीधा संपर्क
B2B बैठकों में भागीदारी
2. नवाचार प्रदर्शन
स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने अपना उत्पाद/आइडिया दिखाने का मौका
MSMEs को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान
3. शिक्षा और करियर अवसर
छात्रों को सेमीकंडक्टर करियर गाइडेंस
जॉब फेयर, स्टाइपेंड कोर्स, वर्कशॉप्स
4. राज्य सरकारों के साथ MoUs
परियोजनाओं के लिए सहयोग की संभावना
भूमि, बिजली और अन्य सहायता योजनाओं की जानकारी
5. ग्लोबल ब्रांडिंग
Exhibitors को अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज
Make in India के तहत प्रचार
आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव
सेमीकॉन इंडिया 2025 न केवल एक तकनीकी इवेंट है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक स्थिति के लिए एक गेम-चेंजर है।
अनुमानित प्रभाव:
क्षेत्र प्रभाव
विदेशी निवेश (FDI) $10 बिलियन से अधिक संभावित निवेश
रोज़गार 5 लाख+ नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार
MSME विकास 1000+ सप्लाई चेन कंपनियों का निर्माण
डिज़ाइन IP 50+ Fabless कंपनियाँ भारत में स्थापित
शिक्षा 100+ सेमीकंडक्टर संस्थानों की भागीदारी
रणनीतिक दृष्टिकोण:
चीन पर निर्भरता में कमी
सुरक्षा के लिए स्वदेशी चिप्स
डेटा और रक्षा सेक्टर के लिए आत्मनिर्भरता
सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और AI में तेजी
निष्कर्ष: “सेमीकॉन इंडिया 2025” – आत्मनिर्भर भारत का तकनीकी आधार
सेमीकॉन इंडिया 2025 के माध्यम से भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक सशक्त स्थान बना रहा है। यह केवल एक तकनीकी इवेंट नहीं बल्कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को एक नई ऊंचाई तक ले जाने वाला प्लेटफ़ॉर्म है।
भारत का लक्ष्य 2030 तक विश्व के टॉप-5 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग देशों में शामिल होना है।
और सेमीकॉन इंडिया 2025 इस लक्ष्य की ओर पहला निर्णायक कदम है।
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