Railway Lab Assistant Chemist and Metallurgist grade, 3rd Practice set-1
1. तन्यता परीक्षण (Tensile Test ) किस मशीन से किया जाता है?
(A) Lathe Machine
(B) UTM
(C) Milling Machine
(D) Grinder
सही उत्तर: UTM
व्याख्या: तन्यता परीक्षण एक प्रकार का यांत्रिक परीक्षण है इसमें किसी भी सामग्री के टुकड़े को दोनों सिरो से पकड़कर तब तक खींचा जाता हैं ज़ब तक वह टूट न जाए |
इसका उद्देश्य सामग्री की मजबूती (strength), खिंचाव (elongation), और टूटने से पहले बल सहने की क्षमता का मापन करना है.
इसके द्वारा किसी भी सामग्री का परम तन्यता सामर्थ्य (Ultimate Tensile Strength), उपज सामर्थ्य (Yield Strength), और लचीलापन (Ductility) का सटीक डेटा प्राप्त करने मे मदद मिलती हैं.
Railway Lab Assistant Chemist and Metallurgist Practice Set
2. Impact Testing ( प्रभाविता परीक्षण ) किस गुण को मापता है?
(A) Hardness
(B) Toughness
(C) Elasticity
(D) Plasticity
सही उत्तर: Toughness
व्याख्या: इस Testing से यह मापने मे मदद मिलती हैं कि कोई पदार्थ/मटीरियल अचानक लगने वाले झटके या बल (impact load) को सहन करने में कितना सक्षम है। यह मटीरियल की मजबूती, लचीलापन और विश्वसनीयता को जाँचने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Impact Testing के प्रकार
1. चार्पी इम्पैक्ट टेस्ट (Charpy Test): इसमें परीक्षण के नमूने (specimen) को क्षैतिज (horizontal) रूप से रखा जाता है और खांचे (V-notch) के ठीक पीछे प्रहार किया जाता है।
2. इज़ोड इम्पैक्ट टेस्ट (Izod Test): इसमें नमूने को लंबवत (vertical) रूप से क्लैंप किया जाता है और खांचे के ठीक सामने प्रहार किया जाता है।

3. Charpy test में specimen की स्थिति कैसी होती है?
(A) Vertical
(B) Horizontal
(C) Inclined
(D) Circular
सही उत्तर: Horizontal ( क्षेतिज )
4. Izod test में specimen कैसे रखा जाता है?
(A) Horizontal
(B) Vertical
(C) Slant
(D) Flat
सही उत्तर: Vertical
5. Bend test किस गुण की जाँच करता है?
(A) Ductility
(B) Hardness
(C) Density
(D) Porosity
सही उत्तर: Ductility
व्याख्या: यह एक ऐसा Test हैं जिसका उपयोग धातुओं (मुख्य रूप से स्टील की छड़ों और वेल्ड) की ताकत, लचीलापन (ductility), और मुड़ने पर दरार (cracks) न आने की क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है |
6. Hardness test क्या मापता है?
(A) Toughness
(B) Strength
(C) Indentation resistance
(D) Elasticity
सही उत्तर: Indentation resistance
व्याख्या: एक ऐसी प्रक्रिया है जो यह मापती है कि कोई सामग्री खरोंच, घिसाव या दबाव के प्रति कितनी प्रतिरोधी है, इंजीनियरिंग और धातु विज्ञान में, यह सामग्री की मजबूती और स्थायित्व (durability) निर्धारित करने के लिए की जाती हैं |
Hardness Test Test के मुख्य प्रकार
Hardness Test मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं
1.रॉकवेल टेस्ट (Rockwell Test): यह सबसे लोकप्रिय और त्वरित विधि है। इसमें एक छोटी स्टील की गेंद या हीरे के ‘इंडेंटर’ से सामग्री पर दबाव डाला जाता है और इंडेंटेशन (गड्ढे) की गहराई को मापकर कठोरता की गणना की जाती है |
2. ब्रिनेल टेस्ट (Brinell Test): इस परीक्षण में कठोर धातु की एक गेंद को निश्चित भार के साथ सामग्री पर दबाया जाता है। इसके बाद सामग्री पर बने गड्ढे के व्यास (diameter) को मापकर कठोरता निकाली जाती है |
3. विकर्स टेस्ट (Vickers Test): इसमें एक पिरामिड के आकार के हीरे के इंडेंटर का उपयोग किया जाता है। यह विधि बहुत पतले या नाजुक हिस्सों और सिरेमिक की कठोरता मापने के लिए आदर्श है |
4. शोर टेस्ट (Shore Test): यह विधि मुख्य रूप से रबर, प्लास्टिक या फोम जैसे नरम पदार्थों के लिए उपयोग की जाती है |
7. Fatigue failure किस कारण होता है?
(A) High temperature
(B) Repeated loading
(C) Corrosion
(D) Pressure
सही उत्तर: Repeated loading
व्याख्या: फटीग फेलियर (Fatigue failure) या श्रांति विफलता धातु या सामग्री का वह टूटना है, जो बार-बार या चक्रीय भार (Cyclic loading) पड़ने के कारण होता है | यह विफलता उस सामान्य भार क्षमता से बहुत कम दबाव पर होती है, जो एक बार पड़ने पर कभी नहीं टूटती.
इसे कैसे रोकें:
सतह को चिकना करना (Surface Finishing): खुरदरी सतहों पर दरारें जल्दी बनती हैं, इसलिए मशीनिंग के बाद पॉलिशिंग जरूरी है।
फैटीग लिमिट (Fatigue Limit) का ध्यान रखना: धातुओं को ऐसे दबाव पर चलाना जो इसकी सहनशीलता सीमा के अंदर हो।

8. Creep test कब महत्वपूर्ण होता है?
(A) Low pressure
(B) Room temperature
(C) High temperature
(D) Vacuum
सही उत्तर: High Temperature
व्याख्या: इसका उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि कोई पदार्थ लंबे समय तक और अक्सर उच्च तापमान (high temperature) पर, निरंतर तनाव (constant load) के अधीन रहने पर कैसे विकृत (deform) होता है |
Creep Test के तीन चरण होते हैं
1. प्राइमरी क्रीप (Primary Creep): इसमें विरूपण (deformation) की दर शुरुआत में तेज होती है, लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ धीमी हो जाती है।
2. सेकेंडरी क्रीप (Secondary Creep): इसे ‘स्थिर-अवस्था क्रीप’ भी कहते हैं, जिसमें विरूपण की दर काफी समय तक लगभग स्थिर (constant) रहती है।
3. टर्शियरी क्रीप (Tertiary Creep): इस अंतिम चरण में विकृति तेजी से बढ़ती है और अंततः पदार्थ टूटकर खराब हो जाता है (Rupture)।
9. Stress की SI unit क्या है?
(A) Joule
(B) Pascal
(C) Watt
(D) Newton
सही उत्तर: Pascal
व्याख्या: तनाव (Stress) की SI इकाई पास्कल (Pascal, Pa) है, इसे गणितीय रूप में Newton per square meter (\(N/m^2\)) भी कहा जाता है, व्यावहारिक रूप में इसे MPa (Megapascal) में भी मापा जाता है |
10. Yield point क्या दर्शाता है?
(A) Elastic behavior
(B) Permanent deformation start
(C) Fracture point
(D) Melting point
सही उत्तर: Permanent deformation start
व्याख्या: यील्ड पॉइंट (Yield Point) वह अधिकतम बिंदु या तनाव (Stress) होता है, जिस तक कोई पदार्थ बिना स्थायी रूप से मुड़े या खराब हुए सहन कर सकता है, यदि तनाव इस बिंदु से आगे बढ़ता है, तो पदार्थ अपनी लोच (Elasticity) खो देता है और स्थायी रूप से विकृत (Deform) हो जाता है।
दो प्रकार के यील्ड पॉइंट:
1. अपर यील्ड पॉइंट (Upper Yield Point): वह अधिकतम तनाव जिस पर पदार्थ में पहली बार प्लास्टिक विकृति शुरू होती है.
2. लोअर यील्ड पॉइंट (Lower Yield Point): वह न्यूनतम तनाव जो इस विकृति को जारी रखने के लिए आवश्यक होता है.
Note: Dear Readers अगर आपको यह practice set अच्छा लगा हैं तो comment जरूर करें और आपका एक अच्छा सुझाव हमें माननीय होगा |
Aajvani Team.