Armand Duplantis

Armand Duplantis ने गुरुत्वाकर्षण को हराया, 6.29 मीटर से बनाया नया कीर्तिमान

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Armand Duplantis ने फिर रचा इतिहास: 6.29 मीटर की छलांग से 13वां विश्व रिकॉर्ड

परिचय – जब Armand Duplantis ने फिर से गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दी

एथलेटिक्स की दुनिया में कुछ ही नाम ऐसे होते हैं जो समय-समय पर अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान करते हैं। Armand Duplantis ऐसा ही एक नाम है। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि सीमाएं केवल दिमाग में होती हैं। 12 अगस्त 2025 को, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में आयोजित Gyulai Istvan Memorial प्रतियोगिता में, उन्होंने 6.29 मीटर की अविश्वसनीय ऊँचाई पार कर अपना 13वां विश्व रिकॉर्ड बना डाला।

Armand Duplantis
Armand Duplantis ने गुरुत्वाकर्षण को हराया, 6.29 मीटर से बनाया नया कीर्तिमान

Armand Duplantis का शुरुआती जीवन और खेल से जुड़ाव

जन्म: 10 नवंबर 1999, लाफायेट, लुइसियाना, अमेरिका में।

राष्ट्रीयता: स्वीडन (मां स्वीडिश हैं और पिता अमेरिकी)।

बचपन से ही Armand Duplantis को पोल वॉल्ट में गहरी रुचि थी।

पिता ग्रेग डुप्लांटिस खुद पोल वॉल्टर थे, और मां हेलेना जंप एवं हर्डल में माहिर थीं।

छोटी उम्र से ही परिवार ने प्रशिक्षण का माहौल तैयार कर दिया था।

शुरुआती करियर और पहला विश्व रिकॉर्ड

Armand Duplantis ने 2020 में अपना पहला विश्व रिकॉर्ड 6.17 मीटर के साथ तोड़ा। इसके कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने 6.18 मीटर की छलांग लगाकर फिर से रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
उनकी सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वे रिकॉर्ड तोड़ने के लिए एक-एक सेंटीमीटर की रणनीति अपनाते हैं।

लगातार रिकॉर्ड तोड़ने की कला

“Armand Duplantis” के करियर की खास पहचान है उनका स्थिर और योजनाबद्ध प्रदर्शन।

2022: 6.21 मीटर – वर्ल्ड चैंपियनशिप, यूजीन

2023: 6.23 मीटर – डायमंड लीग फाइनल

2024: 6.24 मीटर – ओलंपिक खेल, पेरिस

2025: 6.28 मीटर – स्टॉकहोम डायमंड लीग

2025: 6.29 मीटर – बुडापेस्ट में नया रिकॉर्ड

हर बार उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को थोड़ा-थोड़ा सुधारते हुए नई ऊँचाइयों को छुआ।

6.29 मीटर का ऐतिहासिक दिन

स्थान और माहौल

12 अगस्त 2025, बुडापेस्ट, हंगरी – Gyulai Istvan Memorial। स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। दर्शक जानते थे कि जब Armand Duplantis ट्रैक पर हों, कुछ खास जरूर होने वाला है।

प्रतियोगिता का क्रम

शुरुआती ऊँचाइयों को आसानी से पार किया।

6.11 मीटर पर एक छोटी गलती हुई, लेकिन दूसरे प्रयास में सफल रहे।

फिर 6.29 मीटर पर बार सेट हुई – पहले प्रयास में नाकामी, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने इतिहास लिख दिया।

जश्न का लम्हा

रिकॉर्ड बनते ही Armand Duplantis ने खुशी में ट्रैक पर दौड़ लगाई और सीधे अपने परिवार व पार्टनर के पास पहुंचे। यह पल दर्शकों के लिए भी अविस्मरणीय बन गया।

सफलता के पीछे की ट्रेनिंग और मानसिकता

Armand Duplantis के अनुसार, पोल वॉल्ट सिर्फ ताकत का खेल नहीं है, बल्कि यह तकनीक, मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास का खेल है।

वे रोज़ाना कम से कम 5-6 घंटे अभ्यास करते हैं।

तकनीक को सुधारने के लिए स्लो-मोशन वीडियो विश्लेषण करते हैं।

मानसिक मजबूती के लिए मेडिटेशन और विज़ुअलाइज़ेशन का सहारा लेते हैं।

Sergey Bubka से तुलना

सोवियत यूनियन के महान पोल वॉल्टर Sergey Bubka ने अपने करियर में 35 बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ा था। Armand Duplantis ने अब 13 बार यह उपलब्धि हासिल कर ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि वह आने वाले वर्षों में Bubka के रिकॉर्ड के करीब पहुँच सकते हैं।

प्रतिस्पर्धी और प्रेरणा

हालाँकि वर्तमान में Armand Duplantis पोल वॉल्ट में बेजोड़ हैं, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी जैसे Emmanouil Karalis और Christopher Nilsen लगातार उन्हें चुनौती देते रहते हैं।
डुप्लांटिस कहते हैं:

प्रतिस्पर्धा ही मुझे बेहतर बनाती है। हर बार ट्रैक पर उतरते समय, मैं खुद से ही मुकाबला करता हूँ।

पोल वॉल्ट की तकनीक – कैसे काम करता है

पोल वॉल्ट में खिलाड़ी लंबी और लचीली छड़ी (पोल) का उपयोग करके ऊँची बार को पार करता है। यह खेल गति, ताकत, और लचीलापन – तीनों का मिश्रण है।

Armand Duplantis इस खेल में तकनीकी पूर्णता के लिए जाने जाते हैं। उनकी रन-अप की गति, पोल का पकड़ना और फ्लाइट फेज़ – सब कुछ लगभग परफेक्ट होता है।

आर्थिक और ब्रांड वैल्यू

Armand Duplantis न सिर्फ खेल में बल्कि ब्रांडिंग में भी एक बड़ा नाम बन चुके हैं।

Nike, Red Bull और Omega जैसे ब्रांड उनके स्पॉन्सर हैं।

हर नए विश्व रिकॉर्ड पर उन्हें बोनस राशि मिलती है।

सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जो उनके हर रिकॉर्ड का जश्न मनाते हैं।

6.29 मीटर रिकॉर्ड का महत्व

इस ऊँचाई का महत्व सिर्फ संख्याओं में नहीं, बल्कि मानसिक सीमा तोड़ने में है। 6.29 मीटर का मतलब है – पृथ्वी पर किसी भी इंसान द्वारा पोल वॉल्ट में अब तक की सबसे ऊँची छलांग।
Armand Duplantis ने साबित किया कि इंसानी क्षमता की कोई सीमा नहीं होती।

Armand Duplantis
Armand Duplantis ने गुरुत्वाकर्षण को हराया, 6.29 मीटर से बनाया नया कीर्तिमान

अगली चुनौती

रिकॉर्ड के बाद Armand Duplantis अब Silesia Diamond League में उतरने वाले हैं। दुनिया की नजरें फिर से इस बात पर होंगी कि क्या वे एक बार फिर अपने रिकॉर्ड को तोड़ेंगे।

सोशल मीडिया और फैंस की प्रतिक्रिया

रिकॉर्ड बनते ही सोशल मीडिया पर #MondoDuplantis और #629m ट्रेंड करने लगे।
फैंस ने लिखा –

वो अब गुरुत्वाकर्षण के नियमों से बाहर काम कर रहे हैं।”
“हर तीन महीने में एक नया रिकॉर्ड – ये मशीन हैं।

निष्कर्ष – Armand Duplantis का सफर और विरासत

Armand Duplantis का 6.29 मीटर का विश्व रिकॉर्ड केवल एक खेल उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह मानव क्षमता, दृढ़ता और मानसिक साहस का प्रतीक है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए तीन प्रमुख तत्व ज़रूरी हैं – निरंतर अभ्यास, तकनीकी निपुणता और मानसिक मजबूती।

जब हम उनके करियर को देखते हैं, तो साफ़ दिखाई देता है कि उन्होंने किसी भी रिकॉर्ड को केवल तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि अपने खेल को एक कला के स्तर पर पहुँचाने के लिए मेहनत की है।

तकनीकी उत्कृष्टता: हर छलांग में उनकी बॉडी कंट्रोल, रन-अप की स्पीड और पोल के इस्तेमाल का संतुलन देखने लायक होता है।

रणनीतिक दृष्टिकोण: वे अपने ही रिकॉर्ड को छोटे-छोटे अंतर से सुधारते हैं, जिससे शारीरिक थकान और चोट का खतरा कम रहता है, लेकिन दर्शकों की उत्सुकता हमेशा बनी रहती है।

मानसिक तैयारी: बड़े मंचों पर दबाव में भी उनका आत्मविश्वास कभी डगमगाता नहीं। यही कारण है कि उन्होंने 13 बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ा।

उनका यह 13वां रिकॉर्ड Sergey Bubka जैसी महान हस्तियों की याद दिलाता है, और विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में वे पोल वॉल्ट के इतिहास में सबसे अधिक बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ने वाले एथलीट बन सकते हैं।

इसके अलावा, Armand Duplantis की सफलता खेल के बाहर भी प्रेरणा देती है। वे दिखाते हैं कि चाहे लक्ष्य कितना भी ऊँचा क्यों न हो, सही रणनीति और मेहनत से उसे हासिल किया जा सकता है। उनका सफर युवा खिलाड़ियों को यह सिखाता है कि खेल में निरंतरता और खुद को बेहतर बनाने की चाह सबसे बड़ा हथियार है।

भविष्य में, यह संभव है कि हम उन्हें 6.30 मीटर या उससे भी अधिक ऊँचाई पार करते हुए देखें। लेकिन चाहे वह आंकड़ा कुछ भी हो, 6.29 मीटर का यह क्षण एथलेटिक्स की दुनिया में हमेशा याद रखा जाएगा। यह वह दिन था जब Armand Duplantis ने एक बार फिर गुरुत्वाकर्षण के नियमों को चुनौती दी और साबित किया कि इंसान की सीमाएँ सिर्फ सोच में होती हैं।


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Hello! Welcome To About me My name is Sanjeev Kumar Sanya. I have completed my BCA and MCA degrees in education. My keen interest in technology and the digital world inspired me to start this website, “Aajvani.com.”

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