eKun-WDRA: किसानों के लिए सुरक्षित फसल भंडारण और आसान लोन का डिजिटल समाधान
परिचय – किसानों की असली चुनौती और eKun-WDRA का समाधान
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Toggleभारत की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। करीब 55% से अधिक आबादी सीधे या परोक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। लेकिन हर साल फसल कटने के बाद किसानों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है – फसल का सुरक्षित भंडारण और तुरंत पैसे की ज़रूरत।
कई बार किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर बेच देते हैं, क्योंकि उनके पास भंडारण की सुविधा नहीं होती और कर्ज चुकाने या परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल नकदी चाहिए होती है।

ऐसे समय में WDRA (Warehousing Development and Regulatory Authority) और इसका डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म eKun-WDRA किसानों के लिए आशा की नई किरण बनकर सामने आया है। यह योजना किसानों को उनकी उपज सुरक्षित रखने और उस पर आधारित आसान व पारदर्शी लोन की सुविधा उपलब्ध कराती है।
eKun-WDRA क्या है?
WDRA का संक्षिप्त परिचय
भारत सरकार ने 2007 में WDRA (Warehousing Development and Regulatory Authority) की स्थापना की थी। इसका मुख्य उद्देश्य था –
वेयरहाउसिंग सेक्टर को रेगुलेट करना,
किसानों और व्यापारियों के लिए सुरक्षित भंडारण की गारंटी देना,
और इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रसीद (e-NWR) के जरिए क्रेडिट सुविधा को बढ़ावा देना।
eKun प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने eKun-WDRA नामक प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया। यह प्लेटफ़ॉर्म किसानों को e-NWR (Electronic Negotiable Warehouse Receipt) उपलब्ध कराता है, जिसे बैंक आसानी से स्वीकार करते हैं और उस आधार पर किसानों को लोन देते हैं।
किसानों के लिए इसकी अहमियत
फसल सुरक्षित और बीमा-युक्त रहती है।
किसान तुरंत लोन ले सकते हैं।
फसल को सही समय पर बेचकर ज्यादा दाम कमा सकते हैं।
फसलों के भंडारण की समस्या और eKun-WDRA का महत्व
भारत में कृषि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन भंडारण क्षमता उतनी मजबूत नहीं है। इसी वजह से हर साल लाखों टन अनाज खराब हो जाता है।
FAO रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 6-10% अनाज post-harvest losses में बर्बाद हो जाता है।
ग्रामीण इलाकों में किसान अपने घरों, गोदामों या खुले स्थानों पर फसल रखते हैं, जिससे कीड़े, नमी और चोरी जैसी समस्याएँ होती हैं।
eKun-WDRA के अंतर्गत रजिस्टर्ड वेयरहाउस इन समस्याओं का हल हैं। यहाँ फसल सुरक्षित रहती है और किसान को उसके बदले डिजिटल रसीद (e-NWR) मिलती है।
e-NWR (Electronic Negotiable Warehouse Receipt) – किसानों के लिए क्रांतिकारी बदलाव
e-NWR क्या है?
e-NWR एक डिजिटल प्रमाणपत्र है, जो किसान को तब मिलता है जब वह अपनी फसल किसी WDRA registered warehouse में जमा करता है।
किसानों को कैसे मिलता है फायदा
किसान को सुरक्षित भंडारण मिलता है।
बैंक इस डिजिटल रसीद को मान्यता देते हैं और उसके आधार पर किसान को आसान लोन देते हैं।
किसान को मजबूरी में तुरंत फसल बेचने की जरूरत नहीं रहती।
कानूनी मान्यता होने के कारण किसान के अधिकार सुरक्षित रहते हैं।
e-NWR की कानूनी मान्यता
e-NWR को Negotiable Instruments Act और WDRA Act 2007 के तहत मान्यता प्राप्त है। यानी यह बैंक और वित्तीय संस्थानों के लिए पूरी तरह वैध है।
किसानों के लिए आसान लोन प्रक्रिया – कैसे काम करता है eKun-WDRA?
Step 1 – फसल को रजिस्टर्ड वेयरहाउस में जमा करना
किसान अपनी फसल को नज़दीकी WDRA registered warehouse में जमा करता है।
Step 2 – e-NWR जनरेट होना
फसल के बदले किसान को एक e-NWR (Electronic Warehouse Receipt) मिलता है।
Step 3 – बैंकों से लोन प्राप्त करना
किसान इस e-NWR को लेकर बैंक या NBFC में जाता है और उसके आधार पर लोन प्राप्त करता है।
Step 4 – फसल बेचने के बाद लोन चुकाना
जब किसान उचित दाम पर फसल बेच देता है, तो वह बैंक को लोन चुका देता है।
किसानों के लिए eKun-WDRA के फायदे
(1) फसल का सुरक्षित भंडारण
रजिस्टर्ड वेयरहाउस में फसल पूरी सुरक्षा के साथ रखी जाती है।
(2) तुरंत लोन की सुविधा
बैंक e-NWR को मान्यता देकर किसानों को तुरंत लोन देते हैं।
(3) उचित दाम पर फसल बेचने का अवसर
किसान बिना मजबूरी में फसल बेचे सही समय का इंतजार कर सकता है।
(4) बिचौलियों से मुक्ति
किसान सीधे बैंक और बाजार से जुड़ जाता है, जिससे बिचौलियों का रोल कम हो जाता है।
(5) डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट है।
(6) राष्ट्रीय स्तर पर नेटवर्किंग
देशभर में वेयरहाउस और बैंक कनेक्टेड हैं, जिससे किसानों को सुविधा होती है।

eKun-WDRA से जुड़े बैंक और वित्तीय संस्थान
राष्ट्रीयकृत बैंक – SBI, PNB, Bank of Baroda
सहकारी बैंक
निजी बैंक – HDFC, ICICI, Axis Bank
NBFCs और माइक्रो फाइनेंस संस्थान
eKun-WDRA के तहत किसानों की सफलता की कहानियाँ
उदाहरण 1 – गेहूं किसान
मध्य प्रदेश के एक किसान ने गेहूं भंडारित कर e-NWR लिया और बैंक से लोन लेकर अपने परिवार की जरूरत पूरी की। बाद में सही दाम मिलने पर फसल बेचकर लोन चुका दिया।
उदाहरण 2 – चावल उत्पादक
पश्चिम बंगाल के किसान ने धान भंडारित किया, तुरंत लोन लिया और बाद में दोगुने दाम पर फसल बेच दी।
उदाहरण 3 – दाल और तिलहन किसान
महाराष्ट्र के किसान ने तिलहन भंडारित किया और बिचौलियों से बचकर सीधे मंडी में अच्छी कीमत पाई।
eKun-WDRA और सरकार की अन्य योजनाओं का तालमेल
e-NAM (Electronic National Agriculture Market) – डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर फसल बेचने की सुविधा।
PM Fasal Bima Yojana – बीमा सुरक्षा।
Kisan Credit Card (KCC) – क्रेडिट सुविधा।
Digital India Initiative – किसानों का डिजिटलीकरण।
किसानों के लिए eKun-WDRA रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
Step 1 – नज़दीकी रजिस्टर्ड वेयरहाउस ढूंढना
Step 2 – फसल जमा करना
Step 3 – डिजिटल रसीद प्राप्त करना
Step 4 – बैंक से संपर्क करना
eKun-WDRA से जुड़े FAQs
Q1. eKun-WDRA क्या है और यह किसानों के लिए कैसे मददगार है?
यह एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो किसानों को फसल भंडारण और लोन सुविधा प्रदान करता है।
Q2. e-NWR कैसे प्राप्त किया जा सकता है?
फसल को WDRA registered warehouse में जमा करने पर।
Q3. क्या छोटे किसान भी इसका लाभ उठा सकते हैं?
हाँ, सभी छोटे और सीमांत किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।
Q4. लोन चुकाने की प्रक्रिया क्या है?
फसल बेचने के बाद किसान बैंक को लोन चुकाता है।
Q5. क्या इसमें कोई शुल्क लगता है?
हाँ, वेयरहाउसिंग चार्ज और बैंक का processing fee लागू होता है।
eKun-WDRA – भारतीय कृषि का भविष्य
किसानों की आय दोगुनी करने में मदद
डिजिटल इंडिया और एग्रीटेक को बढ़ावा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान
निष्कर्ष
eKun-WDRA किसानों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का नया साधन है। यह योजना न केवल फसल का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करती है, बल्कि किसानों को तुरंत और पारदर्शी लोन भी उपलब्ध कराती है। इससे किसान अपनी उपज सही समय पर बेच सकते हैं और बेहतर दाम पा सकते हैं।
आने वाले समय में eKun-WDRA भारतीय कृषि को आधुनिक, आत्मनिर्भर और डिजिटल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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