Sariska Tiger Reserve : राजस्थान का वन्यजीव खजाना
परिचय (Introduction to Sariska Tiger Reserve)
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Toggleराजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिज़र्व (Sariska Tiger Reserve) भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों और बाघ संरक्षण क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव-विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों और शोधकर्ताओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।
स्थान: अलवर ज़िला, राजस्थान
क्षेत्रफल: लगभग 881 वर्ग किलोमीटर
स्थापना: 1955 में वन्यजीव अभयारण्य के रूप में, और 1978 में प्रोजेक्ट टाइगर रिज़र्व के रूप में
प्रसिद्धि: बाघों (Royal Bengal Tiger), तेंदुओं, हिरणों और पक्षियों की विविध प्रजातियों के लिए
सरिस्का का इतिहास (History of Sariska Tiger Reserve)
प्राचीन महत्व
सरिस्का क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी बहुत गहरा है। यहां के जंगल कभी राजघरानों के शिकार स्थल (Hunting Grounds of Royals) हुआ करते थे।

प्रोजेक्ट टाइगर और संरक्षण
1972 में भारत सरकार ने प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) शुरू किया।
1978 में सरिस्का को आधिकारिक रूप से टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया।
2005 में बाघों की संख्या शून्य हो गई थी, लेकिन 2008 से यहाँ पुनर्वास (Tiger Relocation Project) के तहत रणथंभौर से बाघ लाए गए।
भौगोलिक स्थिति (Geographical Location)
अक्षांश/देशांतर: 27°05′ से 27°33′ उत्तरी अक्षांश और 76°15′ से 76°34′ पूर्वी देशांतर
ऊँचाई: 300 मीटर से 722 मीटर तक
अराबली पर्वत (Aravalli Hills) की श्रृंखलाएँ इस क्षेत्र को घेरे हुए हैं।
यहाँ की भौगोलिक विविधता – घाटियाँ, पहाड़, घासभूमि और झीलें – इसे एक आदर्श प्राकृतिक आवास बनाती है।
सरिस्का की जलवायु (Climate of Sariska Tiger Reserve)
ग्रीष्म ऋतु: मार्च से जून – तापमान 40–45°C तक
वर्षा ऋतु: जुलाई से सितंबर – औसतन 650 मिमी वर्षा
शीत ऋतु: अक्टूबर से फरवरी – तापमान 4–15°C
सबसे अच्छा समय पर्यटन के लिए: अक्टूबर से मार्च।
सरिस्का का वनस्पति संसार (Flora of Sariska Tiger Reserve)
सरिस्का अरण्य मुख्यतः उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (Tropical Dry Deciduous Forests) से ढका हुआ है।
प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ
धोक (Anogeissus pendula) – सबसे प्रमुख पेड़
सालार (Boswellia serrata)
खैर (Acacia catechu)
बबूल (Acacia nilotica)
बेर (Zizyphus)
नीम, पीपल और बरगद
यहाँ की वनस्पति न केवल जंगली जानवरों को भोजन और आश्रय देती है बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन में भी योगदान करती है।
सरिस्का का जीव-जंतु संसार (Fauna of Sariska Tiger Reserve)
स्तनधारी (Mammals)
बाघ (Royal Bengal Tiger)
तेंदुआ (Leopard)
लकड़बग्घा (Striped Hyena)
सियार (Jackal)
जंगली सूअर (Wild Boar)
चीतल, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा
पक्षी (Birds)
लगभग 200 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं:
मोर (National Bird)
भारतीय बाज (Indian Eagle)
उल्लू
गिद्ध (Vultures)
सारस, बगुला
सरीसृप (Reptiles)
अजगर (Python)
कोबरा
मॉनिटर लिज़र्ड
पर्यटन आकर्षण (Tourist Attractions in Sariska)
1. सरिस्का सफारी (Sariska Safari)
जीप सफारी और कैंटर सफारी उपलब्ध
समय: सुबह और शाम
बुकिंग: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों
2. पांडुपोल हनुमान मंदिर
धार्मिक स्थल, भीम द्वारा निर्मित गुफा से जुड़ी मान्यता
3. कंकवारी किला (Kankwari Fort)
ऐतिहासिक मुग़ल किला जहाँ औरंगज़ेब ने अपने भाई दारा शिकोह को कैद किया था।
4. सिलिसेढ़ झील और जयसमंद झील
सुंदर प्राकृतिक झीलें, पक्षी अवलोकन के लिए प्रसिद्ध।
सरिस्का टाइगर रिज़र्व कैसे पहुँचे (How to Reach Sariska Tiger Reserve)
हवाई मार्ग: जयपुर एयरपोर्ट (107 किमी)
रेल मार्ग: अलवर रेलवे स्टेशन (37 किमी)
सड़क मार्ग: जयपुर-Delhi NH-8 और NH-11A से जुड़ा हुआ
सरिस्का में पर्यटन के लिए सर्वश्रेष्ठ समय (Best Time to Visit Sariska)
अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा समय है।
मानसून और गर्मी के मौसम में सफारी अनुभव कठिन हो सकता है।
सरिस्का टाइगर रिज़र्व की चुनौतियाँ (Challenges of Sariska Tiger Reserve)
- मानव-वन्यजीव संघर्ष
- बाघों की घटती संख्या
- वन कटाई और अवैध शिकार
- पर्यटन का दबाव

संरक्षण प्रयास (Conservation Efforts)
टाइगर पुनर्वास योजना (Tiger Relocation Program 2008)
ईको-टूरिज्म विकास
स्थानीय समुदाय की भागीदारी
वन विभाग और NGO का सहयोग
सरिस्का टाइगर रिज़र्व का महत्व (Significance of Sariska Tiger Reserve)
जैव विविधता संरक्षण
पारिस्थितिक संतुलन
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था
शैक्षिक और शोध महत्व
सरिस्का में बाघों की संख्या 2025 (Sariska Tiger Reserve Tiger Count 2025)
2025 तक सरिस्का टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या बढ़कर 48–50 हो गई है।
यह वृद्धि 2005 में शून्य बाघों से शुरू हुई पुनर्वास योजना की बड़ी सफलता है।
सरिस्का अब भारत में सबसे सफल टाइगर पुनर्वास परियोजनाओं में शामिल है।
सीमा पुनर्संयोजन विवाद (Boundary Rationalisation Controversy 2025)
Critical Tiger Habitat (CTH) का क्षेत्र बढ़ाकर 924 sq km और बफर ज़ोन घटाकर 203 sq km करने का प्रस्ताव रखा गया।
इसमें लगभग 48 sq km क्षेत्र हटाने का प्रावधान है, जिससे पूर्व में बंद हुए 57 खनन क्षेत्र दोबारा शुरू हो सकते हैं।
इस योजना पर पर्यावरणविदों, राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है।
सुप्रीम कोर्ट की भूमिका (Supreme Court on Sariska Tiger Reserve 2025)
सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को गंभीरता से लिया है और कहा कि बिना अनुमति कोई सीमा बदलाव लागू नहीं किया जाएगा।
People for Aravallis और अन्य संगठनों ने इस योजना को चुनौती दी है।
कोर्ट ने सरकार और विशेषज्ञ समितियों को सख्त चेतावनी दी है।
पांडुपोल मंदिर मार्ग विवाद (Pandupol Temple Road Issue 2025)
सरिस्का टाइगर रिज़र्व से होकर पांडुपोल मंदिर तक पक्की सड़क बनाने की योजना सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश से टकराती है।
सरकार ने हलफनामे में कहा था कि इस क्षेत्र में कंक्रीट या ब्लैकटॉप रोड नहीं बनेगी।
इसलिए यह योजना रोक दी गई है और वैकल्पिक इको-फ्रेंडली रास्तों पर विचार हो रहा है।
बाघों की GPS निगरानी (Tiger Monitoring with GPS Collar in 2025)
सभी नर बाघों को GPS-enabled radio collar से टैग करने की योजना बनाई गई है।
इससे वन विभाग को रीयल-टाइम ट्रैकिंग में मदद मिलेगी।
इसका उद्देश्य है:
बाघों का मूवमेंट मॉनिटर करना
मानव–वन्यजीव संघर्ष कम करना
सुरक्षा बढ़ाना
अवैध खनन पर NGT की जांच (Illegal Mining Probe by NGT in 2025)
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सरिस्का के आसपास हो रहे अवैध खनन की जांच के आदेश दिए हैं।
वन विभाग, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 6 सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कदम जैव विविधता और बाघों के आवास की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
सरिस्का टाइगर रिज़र्व 2025 का महत्व (Importance of Sariska in 2025)
बढ़ती बाघ संख्या के कारण सरिस्का एक सफल संरक्षण मॉडल बन गया है।
यह जैव विविधता संरक्षण, इको-टूरिज्म और स्थानीय रोजगार में योगदान दे रहा है।
विवादों के बावजूद, यह रिज़र्व राजस्थान और भारत दोनों के लिए गर्व का विषय है।
FAQs on Sariska Tiger Reserve 2025
Q1. सरिस्का टाइगर रिज़र्व में 2025 में कितने बाघ हैं?
➡ लगभग 48–50 बाघ।
Q2. सरिस्का सीमा पुनर्संयोजन विवाद क्या है?
➡ इसमें 48 sq km क्षेत्र हटाकर खनन क्षेत्रों को फिर से शुरू करने की संभावना है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।
Q3. क्या सरिस्का में GPS कॉलर से बाघों की ट्रैकिंग हो रही है?
➡ हाँ, 2025 में सभी नर बाघों को GPS कॉलर से टैग करने का प्रस्ताव है।
Q4. क्या सरिस्का टाइगर रिज़र्व पर्यटन के लिए खुला है?
➡ हाँ, लेकिन सफारी और रोड निर्माण संबंधी विवाद चल रहे हैं।
Q5. NGT ने सरिस्का को लेकर क्या आदेश दिए हैं?
➡ अवैध खनन की जांच और 6 सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश।
निष्कर्ष (Conclusion)
सरिस्का टाइगर रिज़र्व राजस्थान के अलवर ज़िले की शान है, जो न केवल बाघों के संरक्षण के लिए बल्कि जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। यह अभयारण्य हमें यह संदेश देता है कि यदि सही प्रयास किए जाएँ तो लुप्तप्राय प्रजातियों को भी पुनर्जीवित किया जा सकता है, जैसा कि यहाँ बाघों के पुनर्वास (Tiger Relocation Project) से संभव हुआ।
आज सरिस्का न केवल बाघों और तेंदुओं का घर है, बल्कि यहाँ की घाटियाँ, पहाड़ियाँ, झीलें, कंकवारी किला और पांडुपोल मंदिर इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं। स्थानीय लोगों की भागीदारी, ईको-टूरिज़्म और सरकारी प्रयासों ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
संक्षेप में, सरिस्का टाइगर रिज़र्व केवल एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं बल्कि प्रकृति, संस्कृति और इतिहास का संगम है। यह हमें प्रकृति के संरक्षण का महत्व सिखाता है और आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देता है कि मानव और वन्यजीव का सह-अस्तित्व ही स्थायी भविष्य की कुंजी है।
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