SATHI पोर्टल: QR कोड से बीज पहचान और कृषि में डिजिटल बदलाव
परिचय: SATHI पोर्टल क्या है?
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Toggleभारत में कृषि की रीढ़ माने जाने वाले बीजों की गुणवत्ता सीधे तौर पर किसानों की पैदावार और आय को प्रभावित करती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में नकली और निम्न गुणवत्ता वाले बीजों की समस्या किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस समस्या को हल करने और खेत से किसान तक पारदर्शिता लाने के लिए SATHI पोर्टल की शुरुआत की गई है।

यह पोर्टल बीजों की Traceability (ट्रेसेबिलिटी), Authentication (प्रामाणिकता) और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को डिजिटल तरीके से सक्षम बनाता है। किसान QR कोड स्कैन करके बीज का पूरा इतिहास देख सकते हैं — किस कंपनी ने बनाया, कब पैक हुआ, कौन-सा वेरायटी है और किस राज्य से आया है।
SATHI का पूरा नाम और उद्देश्य
SATHI का अर्थ है — Seed Traceability, Authentication and Holistic Inventory।
इसका मुख्य उद्देश्य है:
नकली बीजों की पहचान और रोकथाम
किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना
बीज वितरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना
बीज की यात्रा को खेत से किसान तक डिजिटल रूप से ट्रैक करना
इस पोर्टल के माध्यम से किसान सिर्फ मोबाइल के एक स्कैन से अपने बीज की असलियत जान सकते हैं, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में बड़ी कमी आएगी।
SATHI पोर्टल का विकास और लॉन्च
SATHI पोर्टल का विकास कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के साथ मिलकर किया।
लॉन्च तिथि: 19 अप्रैल 2023
लॉन्च स्थल: नई दिल्ली
लॉन्च करने वाले: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
इस मौके पर कहा गया कि SATHI पोर्टल किसानों की सुरक्षा के लिए एक “डिजिटल फसल बीमा” की तरह काम करेगा, क्योंकि यह बीज की असल पहचान और उसकी गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है।
मुख्य कार्यक्षेत्र — SATHI पोर्टल के 7 वर्टिकल्स
SATHI पोर्टल को 7 प्रमुख वर्टिकल्स में बांटा गया है, जिससे बीज उत्पादन, वितरण और उपयोग के हर चरण को कवर किया जा सके:
- अनुसंधान संगठन पंजीकरण
- बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया
- लाइसेंसिंग और मान्यता
- बीज इन्वेंट्री मैनेजमेंट
- डीलर से किसान बिक्री रजिस्ट्रेशन
- किसान पंजीकरण और बीज खरीद का रिकॉर्ड
- बीज DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) इंटीग्रेशन
इन वर्टिकल्स से न केवल बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है, बल्कि सरकारी सब्सिडी का सही लाभ भी किसानों तक पहुंचता है।
QR-Code आधारित ट्रेसेबिलिटी की प्रक्रिया
SATHI पोर्टल का सबसे बड़ा फीचर है इसका QR-Code आधारित ट्रैकिंग सिस्टम।
बीज के पैकेट पर एक यूनिक QR कोड होता है।
किसान अपने स्मार्टफोन से इस कोड को स्कैन करते हैं।
स्कैन करने पर उन्हें बीज की किस्म, उत्पादन तिथि, बैच नंबर, प्रमाणन एजेंसी और वितरण की जानकारी मिलती है।
अगर बीज नकली है, तो सिस्टम तुरंत “Invalid Seed” का संदेश देता है।
इससे बीज व्यापार में धोखाधड़ी लगभग असंभव हो जाती है।
SATHI का विस्तार: पोर्टल + मोबाइल ऐप
SATHI पोर्टल के साथ इसका मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है।
किसान सीधे गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
ऐप में QR स्कैन, बीज की जानकारी, शिकायत दर्ज करने का विकल्प और किसान हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं हैं।
यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अधिकतम किसान इसका उपयोग कर पाएं।
तकनीकी पहलू और डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र
SATHI पोर्टल एक क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है।
यह रियल-टाइम डेटा अपडेट करता है ताकि किसान को हमेशा ताज़ा जानकारी मिले।
इसमें ब्लॉकचेन जैसी सिक्योर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे डेटा से छेड़छाड़ न हो सके।
यह पोर्टल Digital Agriculture Mission के तहत ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देता है।
किसानों के लिए लाभ
SATHI पोर्टल किसानों के लिए कई बड़े फायदे लाता है:
- नकली बीज से सुरक्षा
- समय और पैसे की बचत
- प्रमाणित बीज की गारंटी
- सरकारी सब्सिडी का पारदर्शी वितरण
- शिकायत निवारण की आसान प्रक्रिया

राज्यों और संस्थानों की भागीदारी
SATHI पोर्टल को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू करने की योजना है।
ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) और Krishi Vigyan Kendras किसानों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।
बीज कंपनियों और डीलरों को भी इस सिस्टम में पंजीकृत होना जरूरी है।
प्रारंभिक परिणाम और सफलता की कहानियाँ
लॉन्च के कुछ ही महीनों में:
हजारों किसानों ने ऐप डाउनलोड किया।
कई राज्यों में नकली बीज के मामलों में कमी आई।
बीज वितरण में पारदर्शिता के कारण किसान संतुष्टि बढ़ी।
SATHI और अन्य डिजिटल कृषि पहल
SATHI पोर्टल, UFSP (Unified Farmers Service Platform) और Digital Agriculture Mission जैसे अन्य प्रोजेक्ट्स से जुड़कर किसानों के लिए एक व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।
भविष्य की राह: सुधार और विस्तार
AI आधारित बीज गुणवत्ता विश्लेषण
क्षेत्रवार बीज उपलब्धता अलर्ट
अधिक भाषाओं में ऐप का अनुवाद
किसानों से सीधे फीडबैक लेने की सुविधा
निष्कर्ष
भारत जैसे विशाल कृषि प्रधान देश में, जहां करोड़ों किसान अपने जीवनयापन के लिए खेती पर निर्भर हैं, बीजों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सबसे अहम आधार है। गलत या नकली बीज न केवल किसान की मेहनत और समय को बर्बाद करते हैं, बल्कि उसकी आर्थिक स्थिति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। लंबे समय से यह समस्या किसानों के सामने एक अदृश्य दुश्मन की तरह खड़ी थी, जिसका समाधान ढूंढना बेहद जरूरी था।
इसी पृष्ठभूमि में SATHI पोर्टल का आगमन हुआ। यह केवल एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि एक ऐसा तकनीकी हथियार है जो बीजों की पूरी यात्रा — अनुसंधान से लेकर किसान के खेत तक — पारदर्शी और सुरक्षित बनाता है।
QR कोड आधारित ट्रेसेबिलिटी से किसान कुछ ही सेकंड में यह पता लगा सकता है कि वह जो बीज खरीद रहा है, वह प्रमाणित है या नहीं, कब और कहां से आया है, किस बैच का है और किस कंपनी ने तैयार किया है।
SATHI पोर्टल का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि यह किसानों के बीच विश्वास बहाल करता है। जब किसान को यह भरोसा होता है कि वह असली, उच्च गुणवत्ता वाला बीज इस्तेमाल कर रहा है, तो उसकी पैदावार और आय दोनों में सुधार होता है।
इसके अलावा, यह पोर्टल सरकारी नीतियों और सब्सिडी योजनाओं को भी पारदर्शी ढंग से लागू करने में मदद करता है, जिससे बीज खरीद में गड़बड़ी की गुंजाइश लगभग समाप्त हो जाती है।
तकनीकी दृष्टि से, SATHI पोर्टल भारत के कृषि क्षेत्र में ई-गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण है। यह न केवल ब्लॉकचेन जैसी सुरक्षित तकनीकों का इस्तेमाल करता है, बल्कि मोबाइल ऐप के जरिए किसानों तक सीधे पहुंचकर उन्हें सशक्त बनाता है।
इसकी बहुभाषी सुविधा, शिकायत निवारण प्रणाली और राज्यों व संस्थानों के साथ इंटीग्रेशन इसे एक ऑल-इन-वन समाधान बनाते हैं।
भविष्य में, जब इस पोर्टल का उपयोग हर राज्य में व्यापक रूप से होगा और अधिक तकनीकी फीचर्स (जैसे AI आधारित बीज गुणवत्ता जांच, क्षेत्रवार बीज उपलब्धता अलर्ट) जोड़े जाएंगे, तब यह संभव है कि नकली बीज का बाजार पूरी तरह खत्म हो जाए।
संक्षेप में, SATHI पोर्टल न केवल एक तकनीकी पहल है, बल्कि यह किसानों के जीवन में विश्वास, सुरक्षा और प्रगति का प्रतीक है। यह पहल दिखाती है कि सही तकनीक और सही नीयत से भारत के कृषि क्षेत्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाया जा सकता है।
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