Van Rani Returns: जंगल की रानी फिर से दौड़ी SGNP की पटरी पर
भूमिका: एक यादगार सफ़र की नई शुरुआत
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Toggleमुंबई का दिल कहे जाने वाला Sanjay Gandhi National Park (SGNP) ना केवल हरियाली और जैव विविधता के लिए मशहूर है, बल्कि यहाँ की Van Rani नाम की खिलौना ट्रेन, वर्षों तक बच्चों और बड़ों के लिए यादगार यात्रा का हिस्सा रही है। अब जब Van Rani की वापसी की घोषणा हो चुकी है, तो लोगों के दिल फिर से धड़क उठे हैं।

Van Rani क्या है? – नाम में ही रॉयल्टी
Van Rani, जिसका अर्थ है “जंगल की रानी”, एक छोटी सी टॉय ट्रेन है जो संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में 1970 से चल रही थी। यह ट्रेन बच्चों, पर्यटकों और बुज़ुर्गों के लिए एक आनंददायक सवारी रही है। 2.7 किमी लंबे ट्रैक पर चलने वाली वन रानी ट्रेन पर्यावरण और मनोरंजन का अनोखा संगम रही है।
इतिहास: Van Rani का गौरवशाली अतीत
जब Van Rani पहली बार 1970 में चली थी, तब इसकी सादगी और चंचलता ही इसकी पहचान थी। तब ये डीजल इंजन से चलती थी, और दिनभर हजारों सैलानियों को जंगल के भीतर ले जाती थी।
1980–1990 के दशक में ये ट्रेन बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों की सबसे प्यारी याद बनी। स्कूल ट्रिप, फैमिली पिकनिक और पर्यटन समूह — हर कोई वन रानी की सवारी को लेकर उत्साहित रहता था।
बंद होने की वजह: तूफानी दुखभरी दास्तान
मई 2021 में जब Cyclone Tauktae ने महाराष्ट्र के तट को नुकसान पहुँचाया, तब SGNP में भी बहुत तबाही मची। उसी दौरान Van Rani के ट्रैक को गंभीर क्षति पहुँची और ट्रेन को संचालन से हटा दिया गया। इसने हजारों पर्यटकों के दिल तोड़ दिए।
उम्मीद की किरण: पुनरुद्धार की घोषणा
2023 के अंत में जब महाराष्ट्र सरकार और SGNP प्रशासन ने Van Rani को दोबारा शुरू करने की योजना की घोषणा की, तब एक नई ऊर्जा देखी गई। पर्यटन, विरासत और पर्यावरण को साथ लेकर चलने वाली इस पहल को जनता का भी बड़ा समर्थन मिला।
नई Van Rani: अब और भी आधुनिक
पुनरुद्धार के बाद वन रानी अब पहले से कहीं ज्यादा मॉडर्न, सुंदर और सुरक्षित होगी। इसमें मिलेंगी:
Vistadome कोच
– पारदर्शी छत और बड़ी खिड़कियों से हरियाली का शानदार दृश्य।
इलेक्ट्रिक इंजन
– पर्यावरण-अनुकूल, प्रदूषण-मुक्त संचालन।
नया ट्रैक
– 2.7 किमी से बढ़ाकर 3.5 किमी लंबा ट्रैक।
डिजिटली टिकटिंग
– QR कोड, मोबाइल टिकट और ऑनलाइन बुकिंग सुविधा।
Van Rani की वापसी क्यों ख़ास है?
1. स्मृतियों की पुनरावृत्ति
मुंबई के लाखों नागरिकों की बचपन की यादें Van Rani से जुड़ी हैं।
2. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
SGNP में footfall बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
3. शिक्षाप्रद सफर
प्रकृति, जीव-जंतु और संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
Van Rani और बच्चों का अटूट रिश्ता
बच्चों के लिए वन रानी सिर्फ एक ट्रेन नहीं, एक रोमांच है। नन्हें हाथों में टिकट, माता-पिता का साथ और प्रकृति की गोद में यात्रा — यह अनुभव जीवनभर के लिए यादगार बन जाता है।
वन रानी और बुज़ुर्गों की भावनाएं
80 के दशक के बुज़ुर्गों ने अपने बच्चों को इस ट्रेन की सैर कराई थी, और अब वही अपने पोतों को Van Rani में बिठाकर पुरानी यादों को ताज़ा करेंगे। यह भावनाओं की रचना है, सिर्फ राइड नहीं।
वन रानी से स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा
SGNP के बाहर छोटे दुकानदारों, फूड स्टॉल्स, और गाइड्स को वन रानी की वापसी से आर्थिक मदद मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
Van Rani और पर्यावरण शिक्षा
इस ट्रेन के सफर में जगह-जगह पर बच्चों और युवाओं को पर्यावरण, वन्यजीव, संरक्षण और जैव विविधता पर आधारित जानकारी दी जाएगी। वन रानी अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, जागरूकता का माध्यम भी बनेगी।
वन रानी के साथ अन्य SGNP आकर्षण
कनहेरी गुफाएँ
साइकल ट्रैक
मिनी जू
लायन सफारी
बोटिंग पॉइंट
Van Rani इन सभी तक पहुँचने का आदर्श साधन होगी।
सोशल मीडिया पर Van Rani का जलवा
Van Rani वापसी की खबर ट्विटर, इंस्टाग्राम, और फेसबुक पर ट्रेंड कर रही है। लोग पुरानी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं और आने वाले समय की प्लानिंग भी कर रहे हैं।
पर्यावरण-अनुकूल पहल की मिसाल
इलेक्ट्रिक इंजन और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली वन रानी भारत के सबसे हरे-भरे पार्क में एक स्थायी पर्यटन की मिसाल बनेगी।

संभावनाएं और विस्तार
आने वाले वर्षों में SGNP प्रशासन वन रानी का रूट और लंबा कर सकता है, साथ ही इसमें रात की जंगल सफारी और थीम आधारित यात्राएं भी शामिल की जा सकती हैं।
Van Rani: एक भावनात्मक विरासत
जब एक ट्रेन लोगों की स्मृति, संस्कृति और बचपन का हिस्सा बन जाती है, तो वह सिर्फ लोहे का ढांचा नहीं रह जाती — वह आत्मा का हिस्सा बन जाती है। Van Rani मुंबई के लाखों लोगों की उस आत्मा का हिस्सा है।
कई बुज़ुर्ग कहते हैं:
“हम अपने बच्चों को जो पहली ट्रेन में बिठाकर घुमाने ले गए थे, वो Van Rani थी। अब हम उन्हीं बच्चों के बच्चों को ले जाएंगे — यही है समय का चक्र।”
SGNP का विज़न और मिशन
Sanjay Gandhi National Park प्रशासन का उद्देश्य केवल पर्यटकों को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि लोगों को पर्यावरण, वन्य जीवन और स्थायी विकास के लिए प्रेरित करना भी है। वन रानी इस दिशा में एक शक्तिशाली माध्यम है।
Van Rani: स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए वरदान
आने वाले समय में कई स्कूलों की शैक्षणिक यात्राएं Van Rani के माध्यम से होंगी, जिसमें छात्रों को प्राकृतिक परिवेश, संरक्षण के महत्व और जैव विविधता के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
Van Rani को अब “Learning on Wheels” के रूप में भी देखा जा रहा है।
Van Rani वापसी के बाद पर्यटकों के लिए सुझाव
अगर आप Van Rani की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- ऑनलाइन टिकट बुक करें – Peak season में भीड़ हो सकती है।
- सुबह जल्दी आएं – ताकि पार्क और ट्रेन दोनों का भरपूर आनंद ले सकें।
- दूसरे आकर्षण भी देखें – जैसे कनहेरी गुफाएँ, बोटिंग, ट्रैकिंग ट्रेल्स आदि।
- बच्चों के लिए टोपी और पानी जरूर लाएं – गर्मी से बचाव होगा।
- फोटोग्राफी के लिए कैमरा जरूर रखें – दृश्य अत्यंत सुंदर होंगे।
Van Rani और “स्वच्छ भारत अभियान”
वन रानी के कोच में यात्रियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। इसके माध्यम से ‘स्वच्छ भारत’ का संदेश हर यात्री तक पहुंचेगा।
यह ट्रेन एक चलते-फिरते जागरूकता अभियान बन चुकी है।
Van Rani के भविष्य की रूपरेखा
अगले 3 वर्षों में SGNP Van Rani को निम्नलिखित रूप में विस्तार देने की योजना बना रहा है:
नाइट जर्नी: चाँदनी रात में Vistadome के ज़रिए जंगल की सैर
एजुकेशनल टूर: हर कोच में मल्टीमीडिया स्क्रीन और गाइडेड टूर
चिल्ड्रन थीम कोच: कार्टून और वन्यजीवों पर आधारित थीम कोच
हरित ऊर्जा: पूरी ट्रेन सोलर-चार्जिंग से चलने की योजना
निष्कर्ष: एक ट्रेन नहीं, यादों की गूंज है Van Rani
Van Rani की वापसी केवल एक टॉय ट्रेन की पुनर्स्थापना नहीं है, यह लाखों दिलों की स्मृतियों, बचपन की मुस्कानों, और प्रकृति से जुड़ने की अद्भुत कहानी है। यह ट्रेन सिर्फ पटरी पर नहीं लौटी है, यह मुंबई की आत्मा में फिर से जीवंत हुई है।
एक समय था जब यह छोटी सी ट्रेन स्कूल की पिकनिक का हिस्सा होती थी, दादा-दादी के साथ पहली सवारी का रोमांच देती थी, और जंगल की हरियाली में मासूम आंखों को चमक दे जाती थी।
आज Van Rani फिर से उन्हीं भावनाओं को लेकर लौटी है—इस बार और भी खूबसूरत, और भी स्मार्ट, और भी टिकाऊ बनकर।
पर्यावरण के अनुकूल इंजन, Vistadome कोच, और नई तकनीक के साथ वन रानी अब सिर्फ एक टॉय ट्रेन नहीं, बल्कि एक “चलती-फिरती क्लासरूम”, एक “हरियाली की झलक”, और एक “संस्कृति की विरासत” बन गई है।
आने वाले समय में वन रानी बच्चों के लिए सीखने का जरिया होगी, पर्यटकों के लिए सुकून की सवारी और पर्यावरण प्रेमियों के लिए गर्व का प्रतीक। इसने सिद्ध कर दिया है कि जब विरासत को सम्मान दिया जाता है, तो वह और भी भव्य बनकर लौटती है।
इसलिए जब आप अगली बार मुंबई जाएँ, तो SGNP में वन रानी की सवारी ज़रूर करें — क्योंकि कुछ यात्राएं दिल को सुकून देने के लिए होती हैं, और वन रानी उन्हीं में से एक है।
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