भारत मक्का समिट 2025: किसानों के लिए नई क्रांति की शुरुआत!
परिचय
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Toggleप्रासंगिकता एवं पृष्ठभूमि
“भारत मक्का समिट 2025” को भारतीय कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल के रूप में लिया जा रहा है। वर्ष 2025 का यह समिट मक्का उत्पादन, पोषण, और नवाचार के संदर्भ में किसानों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों एवं नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाने का उपक्रम है।

आयोजन और मुख्य उद्देश्य
आयोजक: भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI)
स्थान : नई दिल्ली, फिक्की फेडरेशन हाउस
मौका : 11वाँ भारत मक्का समिट 2025
मुख्य उद्देश्य:
मक्का उत्पादन के लिए नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों और कृषि-प्रबंधन पद्धतियों का आदान-प्रदान
पोषक तत्वों से भरपूर मक्का-अनुसंधान एवं उत्पादों को बढ़ावा
मिट्टी स्वास्थ्य एवं खाद-प्रबंधन पर जागरूकता वीडवाना
मक्का उत्पादन में नवाचार एवं किसान कल्याण को प्रोत्साहन देना
कार्यक्रम का उद्घाटन
मुख्य अतिथि: माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री Chouhan Shivraj
नई दिल्ली स्थित FICCI फेडरेशन हाउस में आयोजित “भारत मक्का समिट 2025” के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री Chouhan Shivraj मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया और मक्का क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों का सम्मान किया।
घोषणाएँ और प्रतिबद्धताएँ
मिट्टी परीक्षण अभियान: केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा संपूर्ण भारत में ‘मिट्टी स्वास्थ्य अभियान’ की शुरुआत
सतत् उर्वरक नीति: किसानों को जैविक एवं संशोधित उर्वरकों की सब्सिडी
नवीन तकनीक अनुदान: ड्रिप इरिगेशन, सोलर-पम्प और स्मार्ट कृषि मशीनरी के निवेश हेतु सहायता
मक्का उत्पादन
उत्पादन की वर्तमान स्थिति
भारत में पश्चिमी राज्यों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, और प. बंगाल में मक्का उत्पादन प्रमुख है। “भारत मक्का समिट 2025” में इन राज्यों की भूमिका विशेष रूप से रेखांकित की गई।
वृद्धि हेतु रणनीतियाँ
उन्नत बीजों का वितरण: हाई-यील्ड वेरिएंट
आपूर्ति श्रृंखला सुधार: फसल प्रसंस्करण व भंडारण
संस्था सहयोग: ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, और FICCI के संयुक्त प्रयास
उत्पादन बाधाएँ
भूमि क्षरण और जल संकट
लागत वृद्धि और मार्केट फ्लक्चुएशन
किसानों की वित्तीय सशक्तता की कमी
गुणवत्ता एवं मानकीकरण
गुणवत्ता नियंत्रण प्रोटोकॉल
“भारत मक्का समिट 2025” में मक्का फसल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम प्रस्तावित किये गए:
ट्रैसेबिलिटी– बीज से लेकर उपभोक्ता तक
एफएसएसआई मानक अनुपालन
सरकारी एवं निजी प्रयोगशालाओं में नियमित परीक्षण
ब्रांडिंग एवं मूल्य संवर्धन
भूगोलीय संकेत (GI tags)
स्वस्थ-आधारित उपभोक्ता जागरूकता
“ग्राम टू ग्लोब”: इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन
पोषणयुक्त आहार
मक्का का पोषण महत्त्व
ऊर्जा और फाइबर का स्रोत
विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स
मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन
पोषण संवर्धन
मक्का फोर्टिफाइड उत्पाद (कॉर्न फ्लेक्स, ब्रेड, आदि)
आहार-संवर्धन पहल: स्कूल लंच प्रोग्राम और मातृ-शिशु पोषण
स्वास्थ्य अभियान
“खाद्य सुरक्षा से पोषण सुरक्षा” पर ध्यान
ग्रामीण और आदिवासी लड़ाई: पोषण की कमी
समिट पर निष्कर्ष: समृद्ध मक्का-आधारित आहार गाइडलाइंस
मिट्टी के स्वास्थ्य
मिट्टी स्वास्थ्य और कृषि स्थिरता
मिट्टी में जैविक पदार्थ की मात्रा की अहमियत
pH संतुलन, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन
पहल और कार्यक्रम
नियमित मिट्टी परीक्षण
जैविक खाद, कम्पोस्टिंग, वर्मी कंपोस्ट
उर्वरक संतुलन: बेसलाइन के अनुसार नीचले मात्रा में रासायनिक उर्वरक
समिट में सुझाए:
“मिट्टी डॉक्टर” पद्धति
स्मार्ट सेंसर्स के माध्यम से लगातार निगरानी
कृषि-संरचना और मृदा संरक्षण तकनीक
नवाचार एवं टेक्नोलॉजी
डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म
कृषि मोबाइल ऐप
क्लाउड-आधारित मौसम पूर्वानुमान
इंटेलिजेंट सिंचाई
ड्रिप व स्प्रिंकलर टेक्नोलॉजी
IoT और सोलर-पंप द्वारा ऊर्जा बचत
जैविक और नए वेरिएंट के बीज
जैव-प्रौद्योगिकी
GM मुक्त, हायब्रिड बीज
रोग-प्रतिरोधी क्वालिटी
किसान सम्मान एवं प्रोत्साहन
पुरस्कृत किसान
“भारत मक्का समिट 2025” में नवाचारी किसानों को FICCI और कृषि मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान मक्का उत्पादन, संसाधन उपयोग और सामाजिक सहभागिता में श्रेष्ठता के लिए दिया गया।
उनमें से मुख्य पुरस्कार विजेता
महाराष्ट्र के किसान द्वारा पायनियर मॉडर्न सिंचाई
कर्नाटक की महिला महकुमारी द्वारा फोर्टिफाइड मक्का चप्ती
यूपी के किसान समूह द्वारा ‘मितव्ययी पोषण मॉडल’
बाज़ार एवं सप्लाई चैन प्रबंधन
डेवलपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर
भंडारण गोदाम और साइलो निर्माण
कुलदेह और सड़कों का नेटवर्क
मूल्य वृद्धि हेतु पहल
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)
कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग
कंसोलिडेटर तथा एग्रीटेक स्टार्टअप्स
सरकारी योजनाएँ एवं पॉलिसी
कृषि मंत्रालय की पहल
कृषि संबल योजना, PM-KISAN, की विस्तार मक्का किसानों तक
“माई कॉर्न” पोर्टल: फसल रजिस्ट्रेशन, लॉजिक आधारित सलाह
भविष्यत दृष्टिकोण
ग्रीन व्यवसायों को बढ़ावा
एक्सपोर्ट – मक्का के लिए विशेष एफटीए
मक्के को ऊर्जा, जन्य, पशु और मानव क्षेत्रों में डुअल यूज़ सपोर्ट
सहयोग एवं साझेदारी
इंटर-सेक्टरल सहयोग
ICAR, कृषि विश्वविद्यालय और FICCI का तालमेल
UNDP, FAO, USAID जैसी अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों का योगदान
निजी क्षेत्र की भूमिका
कृषि बीज कम्पनियों, मल उत्पादकों, फूड प्रोसेसरों पर भागीदारी
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) प्रोजेक्ट
चुनौतियाँ और समाधान
प्रमुख चुनौतियाँ
मिट्टी प्रदूषण
जल संकट
मार्केट उतार‑चढ़ाव
“भारत मक्का समिट 2025” में सुझाए गए समाधान
मिट्टी अक्षयता के लिए जागरूकता
जल प्रबंधन
मूल्य जोखिम के लिए फ्यूचर्स और बीमा योजनाएँ
लाइव मार्केट प्लेटफॉर्म (e-NAM आदि)

समिट का आर्थिक महत्व
राष्ट्रीय स्तर पर
ग्रामीण वृद्धि और किसान आय
आयात कम, स्वावलंबन और ऊर्जा सुरक्षा
ग्लोबल अवसर
निर्यात हेतु तैयार मक्का
कैरिबियन, पश्चिम एशिया, अफ्रीका में भारतीय मक्का निर्यात
समिट के मुख्य घोषण-पत्र
- जाने-माने मक्का अनुसंधान केंद्र
- नये उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता
- डिजिटल कृषि मंच “माई कॉर्न”
- किसान प्रशिक्षण एवं कामर्शियल सपोर्ट
- महिला-आधारित मक्का स्टार्टअप्स हेतु अनुदान
समिट की लंबी आस
अगले वर्ष 12वाँ भारत मक्का समिट
राज्य पैनल सम्मेलन
मक्का-आधारित व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र
किसान-उद्यमी सम्मेलनों की श्रृंखला
FAQs – भारत मक्का समिट 2025
Q1: भारत मक्का समिट 2025 क्या है?
उत्तर: यह एक राष्ट्रीय सम्मेलन है जो मक्का उत्पादन, पोषण, नवाचार, और किसानों के सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इसका आयोजन FICCI द्वारा कृषि मंत्रालय के सहयोग से किया गया।
Q2: भारत मक्का समिट 2025 का आयोजन कहाँ हुआ?
उत्तर: यह समिट नई दिल्ली स्थित FICCI फेडरेशन हाउस में आयोजित हुआ।
Q3: इस समिट का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: मक्का उत्पादन में नवाचार लाना, पोषण और मिट्टी स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, और किसानों को तकनीकी व बाज़ार आधारित सहयोग प्रदान करना।
Q4: भारत मक्का समिट 2025 के मुख्य अतिथि कौन थे?
उत्तर: माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री Chouhan Shivraj इस समिट के मुख्य अतिथि थे।
Q5: क्या समिट में किसानों को सम्मानित किया गया?
उत्तर: हां, मक्का उत्पादन में नवाचार व योगदान देने वाले उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया।
Q6: भारत मक्का समिट 2025 में कौन-कौन से मुद्दों पर चर्चा हुई?
उत्तर: मक्का की गुणवत्ता, पोषण, मिट्टी स्वास्थ्य, मार्केटिंग, तकनीकी नवाचार, और सरकारी योजनाओं पर चर्चा हुई।
Q7: क्या समिट में कोई नई योजना या पोर्टल लॉन्च हुआ?
उत्तर: जी हां, “माई कॉर्न” नामक पोर्टल की घोषणा हुई जो किसानों को मक्का उत्पादन, तकनीक, और बाजार से जोड़ता है।
Q8: समिट में मक्का के पोषण मूल्य पर क्या बताया गया?
उत्तर: मक्का को ऊर्जा, फाइबर, आयरन और विटामिन B का प्रमुख स्रोत बताया गया, और पोषण सुरक्षित भारत के लिए इसका उपयोग महत्वपूर्ण माना गया।
Q9: क्या महिला किसानों की भी भूमिका रही?
उत्तर: हां, समिट में महिला किसानों की भागीदारी और उनके द्वारा किए गए नवाचारों को विशेष सराहना मिली।
Q10: भारत मक्का समिट 2025 में कौन-कौन से संगठन जुड़े थे?
उत्तर: FICCI, कृषि मंत्रालय, ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि स्टार्टअप, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जैसे FAO, UNDP आदि।
Q11: क्या यह समिट हर वर्ष आयोजित होता है?
उत्तर: हां, यह समिट वार्षिक रूप से आयोजित होता है। वर्ष 2025 इसका 11वाँ संस्करण था।
Q12: इसमें कौन-कौन से राज्यों के किसानों ने भाग लिया?
उत्तर: महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना सहित कई राज्यों के किसानों ने भाग लिया।
Q13: समिट में कौन-कौन सी टेक्नोलॉजी पर चर्चा हुई?
उत्तर: ड्रिप इरिगेशन, स्मार्ट सेंसर, जैविक खाद, उन्नत बीज, और कृषि मोबाइल ऐप्स पर चर्चा हुई।
Q14: समिट से छोटे किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
उत्तर: उन्हें प्रशिक्षण, उन्नत बीज, बाजार की जानकारी, सरकारी योजनाओं का लाभ और तकनीकी सहायता प्राप्त होगी।
Q15: “मिट्टी स्वास्थ्य” से संबंधित क्या पहल हुई?
उत्तर: समिट में “मिट्टी परीक्षण अभियान” और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।
Q16: क्या मक्का को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी बढ़ावा मिलेगा?
उत्तर: हां, भारत को मक्का निर्यात में अग्रणी बनाने के लिए नीतियों और सप्लाई चैन सुधार पर भी चर्चा की गई।
Q17: मक्का की ब्रांडिंग के लिए क्या रणनीतियाँ बताई गईं?
उत्तर: GI टैग, क्वालिटी सर्टिफिकेशन, हेल्दी-फूड ब्रांडिंग, और “ग्राम टू ग्लोब” मॉडल।
Q18: क्या छात्रों और रिसर्चरों के लिए भी कुछ प्रस्तावित हुआ?
उत्तर: हां, कृषि विश्वविद्यालयों और रिसर्च इंस्टीट्यूशनों के लिए मक्का आधारित अनुसंधान कार्यक्रमों पर ज़ोर दिया गया।
Q19: इस समिट के माध्यम से सरकार ने कौन से मुख्य संदेश दिए?
उत्तर: किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, मिट्टी व पोषण की सुरक्षा करना, और मक्का को एक वैश्विक कृषि ब्रांड बनाना।
Q20: “भारत मक्का समिट 2025” की अगली कड़ी कब होगी?
उत्तर: “12वाँ भारत मक्का समिट 2026” अगले वर्ष प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियाँ अभी से प्रारंभ हो चुकी हैं।
निष्कर्ष – भारत मक्का समिट 2025
“भारत मक्का समिट 2025” न केवल एक सम्मेलन था, बल्कि यह भारत के कृषि भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करने वाली एक ऐतिहासिक पहल थी। इस समिट के माध्यम से मक्का को केवल एक फसल के रूप में नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और किसानों की समृद्धि का आधार मानकर प्रस्तुत किया गया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री Chouhan Shivraj ने समिट के उद्घाटन में यह स्पष्ट किया कि मक्का भारत की खाद्य और पोषण सुरक्षा, दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने मिट्टी स्वास्थ्य, गुणवत्ता नियंत्रण, और स्मार्ट कृषि की तकनीकों को भी प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
समिट में मिट्टी परीक्षण, फोर्टिफाइड मक्का उत्पाद, “माई कॉर्न” डिजिटल पोर्टल, किसानों को सम्मान, और महिला नेतृत्व वाले कृषि नवाचारों जैसे कई उल्लेखनीय विषय सामने आए। यह सब दर्शाता है कि भारत अब तकनीक-संचालित, बाजार-केंद्रित और पोषण-संवेदनशील कृषि प्रणाली की ओर अग्रसर है।
इस अवसर पर देशभर के किसानों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और उद्योगपतियों की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि “भारत मक्का समिट 2025” एक सांझा मंच है – जहाँ पर कृषि का हर पक्ष सुना और समझा जाता है।
प्रमुख बिंदु:
मक्का को सुपरफूड और निर्यात उन्मुख फसल के रूप में उभारना
किसानों को सम्मान, प्रशिक्षण और तकनीक से जोड़ना
मिट्टी और पोषण सुरक्षा को प्राथमिकता देना
डिजिटल और स्मार्ट कृषि की नई दिशा
भविष्य की झलक:
“भारत मक्का समिट 2025” से जो नींव रखी गई है, वह आने वाले वर्षों में भारत को मक्का उत्पादन में वैश्विक अग्रणी बना सकती है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण अभियान और सतत विकास लक्ष्य (SDGs) को भी बल मिलेगा।
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