दिल्ली बजट 2025: क्या इस बार प्रदूषण मुक्त राजधानी का सपना होगा पूरा?

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दिल्ली बजट 2025: क्या इस बार वायु प्रदूषण पर आएगा बड़ा फैसला?

दिल्ली बजट 2025: दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ भारत के सबसे बड़े महानगरों में से एक है। यहां की सड़कों पर तेज़ी से दौड़ती गाड़ियाँ, निर्माण कार्यों की गूंज, उद्योगों से निकलता धुआं और लाखों लोगों की दिनचर्या – यह सब मिलकर दिल्ली को भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक धड़कन बनाते हैं। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे एक गहरा संकट भी छिपा है – वायु प्रदूषण।

दिल्ली में रहने वाला हर नागरिक, चाहे वह अमीर हो या गरीब, बच्चा हो या बुजुर्ग, इस गंभीर समस्या से प्रभावित होता है। सर्दियों में धुंध और स्मॉग की मोटी चादर, गर्मियों में धूलभरी आंधियां और सालभर रहने वाला प्रदूषण, यह सब दिल्ली के लोगों की स्वास्थ्य, जीवन की गुणवत्ता और आर्थिक प्रगति को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं।

ऐसे में, जब दिल्ली सरकार अपना बजट प्रस्तुत करती है, तो यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पर्याप्त नीतियाँ और योजनाएँ लाई जाएं। यहाँ हम विस्तार से समझेंगे कि दिल्ली को अपने बजट से क्या अपेक्षाएँ रखनी चाहिए और किन प्रमुख उपायों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण: एक खतरनाक वास्तविकता

1. प्रदूषण के मुख्य स्रोत

दिल्ली में वायु प्रदूषण के कई कारण हैं, लेकिन कुछ प्रमुख स्रोतों पर ध्यान देना आवश्यक है:

वाहनों से निकलने वाला धुआं: दिल्ली की सड़कों पर हर दिन लाखों वाहन चलते हैं। डीजल और पेट्रोल से चलने वाले इन वाहनों से भारी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसें निकलती हैं।

निर्माण कार्यों से उड़ती धूल: दिल्ली में हर समय कहीं न कहीं निर्माण कार्य चलता रहता है, जिससे वातावरण में भारी मात्रा में धूल और पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) मिलते हैं।

पराली जलाने का प्रभाव: सर्दियों में दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ जाता है, जिसका मुख्य कारण पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना है। इससे निकलने वाला धुआं दिल्ली की हवा को जहरीला बना देता है।

औद्योगिक प्रदूषण: दिल्ली के आसपास के औद्योगिक क्षेत्र बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन करते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब होती है।

कचरा जलाना: कई इलाकों में कचरे को खुले में जलाया जाता है, जिससे हानिकारक गैसें हवा में मिल जाती हैं और लोगों को सांस लेने में कठिनाई होती है।

2. स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

दिल्ली बजट 2025: प्रदूषित हवा में सांस लेना हर रोज़ सिगरेट पीने के बराबर खतरनाक हो सकता है। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण का असर विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर देखा जाता है।

बच्चों की सेहत पर असर: प्रदूषित हवा से बच्चों के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, जिससे उन्हें सांस की बीमारियों का खतरा रहता है।

बुजुर्गों के लिए खतरा: बढ़ता प्रदूषण हृदय रोग, स्ट्रोक और सांस की तकलीफों को बढ़ा सकता है।

कामकाजी लोगों पर प्रभाव: प्रदूषित हवा के कारण आंखों में जलन, सिरदर्द और थकान महसूस होती है, जिससे कामकाज की उत्पादकता प्रभावित होती है।

दिल्ली बजट 2025 से उम्मीदें: क्या किया जाना चाहिए?

दिल्ली बजट 2025: अब जब यह स्पष्ट है कि वायु प्रदूषण दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, तो इस वर्ष के बजट में कुछ ठोस नीतियाँ बनाई जानी चाहिए।

1. सार्वजनिक परिवहन को सशक्त बनाना

दिल्ली में प्रदूषण कम करने का सबसे प्रभावी तरीका सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना है, ताकि लोग निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करें। इसके लिए:

मेट्रो का विस्तार और सस्ती दरें: दिल्ली मेट्रो देश की सबसे अच्छी परिवहन सुविधाओं में से एक है, लेकिन इसे और अधिक सुलभ और किफायती बनाया जाना चाहिए।

इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना: दिल्ली सरकार ने पहले ही इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं, लेकिन इनकी संख्या में और वृद्धि की जानी चाहिए।

साइकिलिंग और पैदल यात्राओं को बढ़ावा देना: साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते बनाए जाएं, ताकि लोग छोटी दूरी के लिए वाहन का उपयोग न करें।

2. हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना: दिल्ली की सरकारी इमारतों, स्कूलों और अस्पतालों में सोलर पैनल लगाने के लिए विशेष बजट रखा जाए।

सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य बनाना: सरकारी और निजी क्षेत्रों में कार्यरत वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाए।

सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना: इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए शहर में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।

3. निर्माण कार्यों और औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण

धूल नियंत्रण उपाय: निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव और धूल अवरोधक जाल अनिवार्य किए जाएं।

ईंट भट्टों और कारखानों पर सख्त नियम: औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।

4. वृक्षारोपण और हरित क्षेत्रों का विस्तार

नई हरित पट्टी विकसित करना: शहर में नए पार्क और ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाएं।

पर्यावरण मित्रतापूर्ण योजनाओं को बढ़ावा देना: लोगों को घरों और सोसाइटी में अधिक पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

5. कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाना

कचरा जलाने पर सख्ती: खुले में कचरा जलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

कचरा पृथक्करण को अनिवार्य बनाना: गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।

6. प्रदूषण की निगरानी और जागरूकता अभियान

स्मार्ट एयर मॉनिटरिंग सिस्टम: शहर के प्रमुख इलाकों में अधिक वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन स्थापित किए जाएं।

लोगों को जागरूक करना: प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनने, घरों में एयर प्यूरिफायर लगाने और पौधे उगाने को बढ़ावा दिया जाए।

दिल्ली बजट 2025: दिल्ली की स्वच्छ हवा के लिए आगे की रणनीति

दिल्ली बजट 2025: दिल्ली सरकार को अपने बजट में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। सिर्फ अल्पकालिक उपायों से समस्या हल नहीं होगी। इसके लिए सख्त नियमों के साथ-साथ सामाजिक भागीदारी, तकनीकी नवाचार और नियंत्रण उपायों को प्रभावी रूप से लागू करने की जरूरत है।

1. दीर्घकालिक नीतियां: स्थायी समाधान की ओर

(i) ग्रीन दिल्ली मिशन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना

सरकार पहले से ही ग्रीन दिल्ली ऐप जैसी पहल कर रही है, लेकिन इसे और प्रभावी बनाने की जरूरत है। इसके तहत:

हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में वृद्धि – ताकि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें।

दिल्ली के चारों ओर ‘ग्रीन बेल्ट’ विकसित करना – जिससे हवा की गुणवत्ता बेहतर हो सके।

प्रत्येक क्षेत्र में मिनी जंगल तैयार करना – ताकि स्थानीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रित किया जा सके।

(ii) ‘स्मार्ट एयर प्यूरीफिकेशन टावर्स’ की स्थापना

दिल्ली के कुछ हिस्सों में पहले से ही एयर प्यूरीफिकेशन टावर्स लगे हैं, लेकिन पूरे शहर में इनकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है। यह टावर पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसी हानिकारक गैसों को हवा से निकालकर उसे स्वच्छ बनाने का काम करेंगे।

(iii) दिल्ली बजट 2025: प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कठोर कार्रवाई

15 साल से पुराने वाहनों को सख्ती से हटाना।

डीजल वाहनों पर अतिरिक्त कर लगाना, जिससे लोग इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को अपनाएं।

‘ऑड-ईवन’ स्कीम को अधिक वैज्ञानिक ढंग से लागू करना।

2. दिल्ली बजट 2025: दिल्ली को ‘सस्टेनेबल सिटी’ बनाने की दिशा में कदम

(i) सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना

दिल्ली बजट 2025: सभी सरकारी भवनों, स्कूलों और कॉलेजों में सोलर पैनल लगाना अनिवार्य किया जाए।

नई इमारतों के निर्माण में सोलर एनर्जी को प्राथमिकता दी जाए।

घरों में सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी दी जाए।

(ii) ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ की ओर बढ़ना

कचरा प्रबंधन को लेकर सख्त कदम उठाए जाएं।

गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण को अनिवार्य किया जाए।

निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण तकनीकों का इस्तेमाल हो।

3. समाज और नागरिकों की भागीदारी

सरकार अकेले इस समस्या को हल नहीं कर सकती। लोगों को भी इसमें सक्रिय भागीदारी करनी होगी।

(i) स्कूलों और कॉलेजों में ‘ग्रीन लीडर्स’ तैयार करना

हर स्कूल और कॉलेज में ऐसे छात्र समूह तैयार किए जाएं जो पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा दें।

(ii) ‘ग्रीन वॉलंटियर प्रोग्राम’ लागू करना

हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जाए।

कंपनियों को अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर वृक्षारोपण करने की जिम्मेदारी दी जाए।

(iii) नागरिकों के लिए ‘ग्रीन रिवार्ड प्रोग्राम’

दिल्ली बजट 2025: जो लोग प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाते हैं, पेड़ लगाते हैं या पर्यावरण के लिए अच्छे काम करते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से ग्रीन प्वाइंट्स दिए जाएं, जिसे बिजली बिल या अन्य करों में छूट के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।

दिल्ली बजट 2025: क्या इस बार प्रदूषण मुक्त राजधानी का सपना होगा पूरा?
दिल्ली बजट 2025: क्या इस बार प्रदूषण मुक्त राजधानी का सपना होगा पूरा?

4. टेक्नोलॉजी और डेटा का उपयोग

(i) ‘स्मार्ट एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क’

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता को ट्रैक करने के लिए और अधिक वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएं।

(ii) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग

AI की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि दिल्ली के कौन से क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित हैं और वहां किन उपायों की जरूरत है।

5. दिल्ली बजट 2025: औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई रणनीति

औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

दिल्ली के आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाए।

गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए।

ईंट भट्टों और छोटे कारखानों को हरित ऊर्जा के उपयोग की ओर मोड़ा जाए।

6. निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान धूल नियंत्रण

निर्माण स्थलों पर एंटी-डस्ट गन का अनिवार्य उपयोग किया जाए।

निर्माण कार्यों के दौरान धूल को रोकने के लिए ग्रीन कवर और जाल लगाया जाए।

दिल्ली सरकार को निर्माण स्थलों की सख्त मॉनिटरिंग करनी चाहिए और नियम न मानने वालों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए।

7. दिल्ली बजट 2025 आवंटन और वित्तीय पहलू

दिल्ली बजट 2025: दिल्ली सरकार को अपने बजट में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कम से कम 5,000 करोड़ रुपये अलग से रखने चाहिए।

दिल्ली बजट 2025: उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जा सकता है:

1. 2,000 करोड़ रुपये: इलेक्ट्रिक बसें और चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए।

2. 1,000 करोड़ रुपये: वृक्षारोपण, हरित पट्टी और मिनी जंगल बनाने के लिए।

3. 1,000 करोड़ रुपये: स्मार्ट एयर मॉनिटरिंग और एयर प्यूरीफिकेशन टावर लगाने के लिए।

4. 500 करोड़ रुपये: स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरण शिक्षा और ग्रीन लीडर्स तैयार करने के लिए।

5. 500 करोड़ रुपये: कचरा प्रबंधन और धूल नियंत्रण उपायों के लिए।

दिल्ली बजट 2025: दिल्ली की हवा कब होगी साफ? – भविष्य की राह

दिल्ली का वायु प्रदूषण सिर्फ एक मौसमी या अस्थायी समस्या नहीं है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक चुनौती बन चुका है। इसे हल करने के लिए सरकार, उद्योग, नागरिकों और वैज्ञानिक समुदाय को मिलकर काम करना होगा। आइए समझते हैं कि भविष्य में दिल्ली को स्वच्छ हवा दिलाने के लिए और क्या किया जा सकता है।

दिल्ली बजट 2025:  वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कानूनी ढांचा मजबूत करना

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पहले से कई कानून और नियम लागू हैं, लेकिन इनकी प्रभावी निगरानी और सख्ती से पालन करवाने की जरूरत है।

(i) ‘क्लीन एयर एक्ट’ लागू करना

दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार के साथ मिलकर ‘क्लीन एयर एक्ट’ लागू करना चाहिए, जिसमें वायु प्रदूषण से संबंधित सभी कानूनों और नीतियों को एक साथ लाया जाए।

इस एक्ट के तहत उद्योगों, वाहनों, निर्माण स्थलों और कचरा जलाने पर कड़े नियम लागू किए जाएं।

गैर-अनुपालन करने वालों पर भारी जुर्माने और कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए।

(ii) ‘ग्रीन कोर्ट’ की स्थापना

दिल्ली बजट 2025: पर्यावरण से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत (ग्रीन कोर्ट) बनाई जाए, जहां पर्यावरण उल्लंघन से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाया जा सके।

यह अदालत निर्माण कंपनियों, फैक्ट्रियों और सरकार की नीतियों की समीक्षा कर सकेगी और समय पर समाधान निकाल सकेगी।

2. दिल्ली बजट 2025: वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों को अपनाना

(i) कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) का परीक्षण

दिल्ली सरकार को वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कृत्रिम बारिश (Cloud Seeding) का प्रयोग करना चाहिए, जिससे वातावरण में मौजूद हानिकारक कणों को कम किया जा सके।

चीन और दुबई जैसे देशों में इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है।

(ii) कार्बन कैप्चर तकनीक का उपयोग

ऐसी तकनीक विकसित करनी होगी जो औद्योगिक इकाइयों और बिजली संयंत्रों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन को कैप्चर कर सके।

इससे कार्बन उत्सर्जन को पुनः चक्रित (Recycle) किया जा सकता है, जिससे यह पर्यावरण में कम जाए।

(iii) AI और बिग डेटा के जरिए वायु प्रदूषण की भविष्यवाणी

AI आधारित प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स (Predictive Analytics) की मदद से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि किन इलाकों में प्रदूषण बढ़ने की संभावना है।

इसके आधार पर सरकार समय से पहले कार्रवाई कर सकती है।

3. दिल्ली बजट 2025: पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय

दिल्ली बजट 2025: दिल्ली की वायु गुणवत्ता सिर्फ दिल्ली के भीतर लागू किए गए उपायों से नहीं सुधर सकती। इसके लिए पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

(i) पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान

किसानों को पराली जलाने की जगह ‘बायो-डीकंपोजर’ तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

सरकार को ऐसी योजनाएं बनानी होंगी जिनमें किसानों को पराली जलाने की बजाए उसे जैविक खाद में बदलने की ट्रेनिंग दी जाए।

पंजाब और हरियाणा सरकारों के साथ एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए, जो इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकाल सके।

(ii) NCR क्षेत्र में एक समान परिवहन नीति

पूरे NCR (दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद) में एक समान ग्रीन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी लागू हो।

दिल्ली से आने-जाने वाले डीजल वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए।

पूरे NCR क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाए, जिससे लोग सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।

4. दिल्ली बजट 2025: जन जागरूकता और सामाजिक भागीदारी

(i) ‘स्वच्छ हवा आंदोलन’ की शुरुआत

दिल्ली बजट 2025: सरकार को ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की तरह ‘स्वच्छ हवा आंदोलन’ चलाना चाहिए, जिसमें नागरिकों को प्रदूषण कम करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाए।

स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों को अनिवार्य किया जाए।

(ii) ‘ग्रीन करियर’ को बढ़ावा देना

सरकार को ‘ग्रीन इंडस्ट्रीज’ को बढ़ावा देना चाहिए ताकि युवाओं के लिए पर्यावरण से जुड़े करियर के नए अवसर खुलें।

इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, सोलर एनर्जी, पर्यावरण इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए।

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5. दिल्ली बजट 2025: दिल्ली को ‘स्मार्ट ग्रीन सिटी’ में बदलना

(i) ‘ग्रीन बिल्डिंग्स’ को अनिवार्य बनाना

नई इमारतों के लिए ‘ग्रीन बिल्डिंग कोड’ लागू किया जाए, जिससे वे पर्यावरण के अनुकूल हों।

भवनों में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक वेंटिलेशन को बढ़ावा दिया जाए।

(ii) ‘स्मार्ट रोड डस्ट कंट्रोल सिस्टम’

दिल्ली की सड़कों से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए स्मार्ट रोड डस्ट कंट्रोल सिस्टम लगाया जाए।

नियमित रूप से सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव किया जाए।

6. जन जागरूकता और नागरिक भागीदारी

केवल सरकारी प्रयासों से दिल्ली को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। इसमें नागरिकों की भी भागीदारी जरूरी है।

(i) ‘स्वच्छ हवा आंदोलन’ की शुरुआत

सरकार को ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की तरह ‘स्वच्छ हवा आंदोलन’ शुरू करना चाहिए, जिसमें नागरिकों को प्रदूषण कम करने के लिए प्रेरित किया जाए।

(ii) स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा को अनिवार्य बनाना

बच्चों को छोटी उम्र से ही पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा दी जानी चाहिए। स्कूलों में वृक्षारोपण अभियान और स्वच्छ हवा पर विशेष कक्षाएं चलाई जानी चाहिए।

(iii) साइकलिंग और पैदल चलने को बढ़ावा देना

शहर में अलग से साइकलिंग ट्रैक बनाए जाने चाहिए। इससे लोग छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों का उपयोग कम करेंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी।

7.दिल्ली बजट 2025 में इन योजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए

दिल्ली सरकार को अपने बजट में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अधिक धन आवंटित करना चाहिए। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग स्टेशनों के लिए पर्याप्त बजट होना चाहिए। स्मार्ट रोड डस्ट कंट्रोल सिस्टम, वृक्षारोपण और हरित पट्टी विस्तार जैसी योजनाओं पर भी अधिक निवेश किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष: दिल्ली बजट 2025-क्या दिल्ली को मिलेगा स्वच्छ हवा का हक?

दिल्ली बजट 2025: दिल्ली की बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए, वायु प्रदूषण को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इस वर्ष के बजट में सरकार को ऐसी नीतियाँ बनानी होंगी जो दीर्घकालिक समाधान प्रदान करें।

स्वच्छ हवा सिर्फ एक नीतिगत मुद्दा नहीं है, यह हमारे स्वास्थ्य, आने वाली पीढ़ियों और समग्र रूप से जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा मामला है। अगर सही कदम उठाए जाएं, तो दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। उम्मीद है कि इस वर्ष के बजट में यह प्राथमिकता दी जाएगी और हमें एक स्वच्छ, हरी-भरी और स्वस्थ दिल्ली मिलेगी।

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Sanjeev

Hello! Welcome To About me My name is Sanjeev Kumar Sanya. I have completed my BCA and MCA degrees in education. My keen interest in technology and the digital world inspired me to start this website, “Aajvani.com.”

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